पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है
पञ्चाङ्ग
तिथि सप्तमी – 01:54 ए एम, मार्च 11 तक नक्षत्र अनुराधा – 07:05 पी एम तक अष्टमी ज्येष्ठा योग हर्षण – 08:21 ए एम तक करण विष्टि – 12:40 पी एम तक वज्र बव – 01:54 ए एम, मार्च 11 तक वार मंगलवार बालव पक्ष कृष्ण पक्ष
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत 2082 कालयुक्त बृहस्पति संवत्सर कालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक शक सम्वत 1947 विश्वावसु सिद्धार्थी गुजराती सम्वत 2082 पिङ्गल चन्द्रमास चैत्र – पूर्णिमान्त प्रविष्टे/गते 26 फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशि वृश्चिक नक्षत्र पद अनुराधा – 12:21 पी एम तक सूर्य राशि कुम्भ अनुराधा – 07:05 पी एम तक सूर्य नक्षत्र पूर्व भाद्रपद ज्येष्ठा – 01:49 ए एम, मार्च 11 तक सूर्य नक्षत्र पद पूर्व भाद्रपद ज्येष्ठा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतु वसन्त दिनमान 11 घण्टे 50 मिनट्स 17 सेकण्ड्स वैदिक ऋतु शिशिर रात्रिमान 12 घण्टे 08 मिनट्स 37 सेकण्ड्स द्रिक अयन उत्तरायण मध्याह्न 12:43 पी एम वैदिक अयन उत्तरायण
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त 05:10 ए एम से 05:59 ए एम प्रातः सन्ध्या 05:34 ए एम से 06:47 ए एम अभिजित मुहूर्त 12:19 पी एम से 01:06 पी एम विजय मुहूर्त 02:41 पी एम से 03:28 पी एम गोधूलि मुहूर्त 06:35 पी एम से 07:00 पी एम सायाह्न सन्ध्या 06:38 पी एम से 07:51 पी एम अमृत काल 07:26 ए एम से 09:13 ए एम निशिता मुहूर्त 12:18 ए एम, मार्च 11 से 01:06 ए एम, मार्च 11 रवि योग 06:47 ए एम से 07:05 पी एम