उत्तराखंड में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों की ओर से जी तोड़ मेहनत की जा रही है। वहीं गांव की सरकार चुनने के लिए लोकतांत्रिक पर्व का माहौल है। लोकतंत्र के इस महापर्व में कई गांवों में कई प्रत्याशी चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। लेकिन इसके उलट कई गांवों में आपसी भाईचार और एकता का संदेश देते हुए निर्विरोध प्रधान चुने जा रहे हैं।
इस पर पूर्व सचिव भारत सरकार भाई कमलानंद महाराज ने पंचायती राज मंत्री को भेजे पत्र में कहा कि पंचायत चुनाव में यदि जनप्रतिनिधि निर्विरोध आएंगे तो देश के लिए एक नया मॉडल उत्तराखण्ड से निकलेगा। उन्होंने अनुरोध करते हुए कहा कि इस पर कुछ दी जाए तो बहुत अच्छा रहेगा। कहा कि गांवों को समृद्ध बनाने के लिए अच्छे लोगों को निर्विरोध चुनिए। गांव के विकास के लिए को-ओपरेटिव के माध्यम से प्लान बिना दिया जाएगा। पैसों की कोई कमी नहीं है। केवल भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए निर्विरोध प्रधान चुना जाना अच्छा प्रयास है।