आज का पंचांग : बुद्धि होने से नहीं, बुद्धि को मांजने से बुद्धिमान होते हैं

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज शनिवार, 14 मार्च को चैत्र कृष्ण दशमी तिथि प्रातः 08:10 बजे तक रहेगी। आज चंद्रदेव मकर राशि और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे, जिसके स्वामी सूर्यदेव हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के प्रभाव से आज स्वभाव में मेहनत और अनुशासन बना रहेगा, जो जीवन के सही संचालन में बहुत मददगार साबित होगा। आज वरीयान योग और बव करण का संयोग है, जो कार्यों में सफलता और बड़ी इच्छाएं पूरी करने के लिए अनुकूल है।

हम अपने बच्चों का नाम बहुत सोच-संभलकर रखते हैं। पहले सीधे-सादे नाम हुआ करते थे। अब जिसका भी नाम पूछो, उसका अर्थ भी जानना पड़ता है। लेकिन अपने बच्चों की परवरिश में पैसा, समय और परिवार की कीमत जरूर समझाइएगा।

उनके नाम को त्याग और उत्साह से जोड़िए। ये प्रदर्शन का युग है। लोग अपने संकल्पों का भी प्रदर्शन करने लगते हैं और यहीं से दबाव में आ जाते हैं। हमें अपने बच्चों को सिखाना चाहिए कि संकल्प तो लें पर बिना शोर-शराबे के उसे पूरा करें। और जब वो ऐसा कर रहे होंगे तो सुख और दुःख जीवन में आएंगे।

इसकी तैयारी बहुत कम माता-पिता अपने बच्चों को कराते हैं। क्योंकि सुख भी दुःखों का मध्यांतर है। हम अपने बच्चों से कहें कि स्वाभिमान उतना ही रखें कि गरिमा बनी रहे। बुद्धि होने से कोई बुद्धिमान नहीं हो जाता।

बुद्धि को मांजने से होता है। और बुद्धि को मांजने के लिए सांसारिक और आध्यात्मिक तरीके संयुक्त रूप से आजमाए जाएं। यह बात बच्चों को समझाने का समय आ गया है।

आज का भगवद् चिन्तन
परिवर्तनशील जीवन

हम उन वस्तुओं को ही सँभालने के प्रयास में लगे रहते हैं, जिनका सदैव एक जैसा रहना संभव ही नहीं है। नित्य परिवर्तनशीलता ही इस संसार का स्वभाव है। कोई भोर ऐसी नहीं जिसकी संध्या न हो और कोई संध्या ऐसी भी नहीं जिसकी भोर न हो। यहाँ कोई रात्रि ऐसी नहीं जिसके गर्भ से प्रभात का जन्म न हो। हमारी अवस्था भी नित्य बदल रही है। जैसे हम कल थे वैसे आज नहीं हैं और जैसे आज हैं वैसे कल नहीं रहेंगे।

जीवन बड़ा अनिश्चित है इसलिए जो श्रेष्ठ कर्म करना चाहो वो शीघ्र कर लेना। मानव मस्तिष्क के विचार भी प्रतिक्षण बदल रहे हैं। सदैव नयें विचार, नयें उद्देश्य, नईं प्रतिस्पर्धाएं जन्म ले रही हैं। तुम स्वयं अपने भीतर हो रहे परिवर्तन के साक्षी हो। नवीनता के लिए जीवन का परिवर्तन भी आवश्यक हो जाता है। जब तक पुराना नहीं जाता तब तक कुछ नयें आने की संभावना भी नहीं के बराबर है। आज का पतझड़ ही तो कल का बसंत भी है।

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय06:43 ए एमसूर्यास्त06:40 पी एम
चन्द्रोदय04:24 ए एम, मार्च 15चन्द्रास्त02:02 पी एम
पञ्चाङ्ग
तिथिदशमी – 08:10 ए एम तकनक्षत्रउत्तराषाढा – 04:49 ए एम, मार्च 15 तक
एकादशीश्रवण
योगवरीयान् – 10:43 ए एम तककरणविष्टि – 08:10 ए एम तक
परिघबव – 08:48 पी एम तक
वारशनिवारबालव
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2082 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते0फाल्गुन – अमान्त
राजासूर्य – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिशनि – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीसूर्य – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिचन्द्र – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिबुध – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिसूर्य – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिमंगल – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिबुध – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशुक्र – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिशनि – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिधनु – 09:33 ए एम तकनक्षत्र पदउत्तराषाढा – 09:33 ए एम तक
मकरउत्तराषाढा – 04:00 पी एम तक
सूर्य राशिकुम्भ – 01:08 ए एम, मार्च 15 तकउत्तराषाढा – 10:26 पी एम तक
मीनउत्तराषाढा – 04:49 ए एम, मार्च 15 तक
सूर्य नक्षत्रपूर्व भाद्रपदश्रवण
सूर्य नक्षत्र पदपूर्व भाद्रपद – 01:08 ए एम, मार्च 15 तक  
पूर्व भाद्रपद  
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 56 मिनट्स 54 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 01 मिनट 59 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:42 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:07 ए एम से 05:55 ए एमप्रातः सन्ध्या05:31 ए एम से 06:43 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:18 पी एम से 01:05 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:29 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:38 पी एम से 07:02 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:40 पी एम से 07:52 पी एम
अमृत काल09:56 पी एम से 11:40 पी एमनिशिता मुहूर्त12:17 ए एम, मार्च 15 से 01:05 ए एम, मार्च 15
सर्वार्थ सिद्धि योग04:49 ए एम, मार्च 15 से 06:42 ए एम, मार्च 15 

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