केंद्रीय गृह सचिव ने कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए केरल और महाराष्‍ट्र की सरकारों के कदमों की समीक्षा की  

नई दिल्ली

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केंद्रीय गृह सचिव ने आज यहां वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के माध्‍यम से एक बैठक की अध्‍यक्षता कर कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए केरल और महाराष्‍ट्र की सरकारों की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा की। 

बैठक के दौरान, केरल और महाराष्‍ट्र में कोविड-19 की स्थिति के समग्र प्रबंधन के बारे में चर्चा की गई। केंद्रीय गृह सचिव ने संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्‍य सरकारों की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पाया कि संक्रमणों में वृद्धि पर काबू पाने के लिए और ज्‍यादा प्रयास किए जाने की जरूरत है। इसके लिए उच्‍च संक्रमण वाले भौगोलिक क्षेत्रों में कॉटेंक्‍ट ट्रेसिंग, टीकाकरण अभियानों और कोविड की दृष्टि से उपयुक्‍त व्‍यवहार जैसे उपायों के जरिए उपयुक्‍त हस्‍तक्षेप किए जाने की आवश्‍यकता होगी। उन्‍होंने यह भी सुझाव दिया कि राज्‍य सरकारों को अधिक पॉजिटिव मामलों वाले क्षेत्रों में रात का कर्फ्यू लगाने की संभावनाएं तलाशनी चाहिए।

राज्‍य सरकारों को सलाह दी गई कि वे अपने यहां चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान जारी रखें तथा यदि उन्‍हें और ज्‍यादा टीकों की आवश्‍यकता है, तो जहां तक संभव होगा, उन्‍हें और ज्‍यादा टीके उपलब्‍ध कराए जाएंगे। हालांकि प्राप्‍त हो चुकी टीकों की खुराकों का उपयोग करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। इस बात पर भी बल दिया गया है कि टीकाकरण के साथ-साथ कोविड की दृष्टि से उपयुक्‍त व्‍यवहार जारी रखने के लिए भी प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए तथा आने वाले त्‍यौहारों के दौरान ऐसे आयोजन करने से बचना चाहिए, जिनमें बड़ी संख्‍या में लोगों को एक ही स्‍थान पर जमा होने की आशंका हो।

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यह परामर्श भी दिया गया है कि दोनों राज्‍यों के उन स्‍थानों पर परीक्षण बढ़ाना चाहिए, जहां पॉजिटिविटी दर ऊंची बनी रही है। अगले कुछ महीनों में वायरस के संक्रमण के स्‍तरों में कमी लाने पर भी ध्‍यान केंद्रित किया जाना चाहिए, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को ज्‍यादा कारगर ढंग से रोका जा सके।

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इस बैठक में डॉ. वी.के. पॉल, सदस्य (स्वास्थ्य), नीति आयोग; सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार; निदेशक, राष्ट्रीय संचारी रोग केंद्र (एनसीडीसी) तथा केरल और महाराष्ट्र के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों ने भाग लिया।