जन्म शताब्दी: भारत के ‘ट्री-मैन’ काे दी श्रद्धांजलि, 50 लाख पेड़ लगाकर खड़ा किया था विशाल जंगल

नई टिहरी।

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वृक्ष माता-पिता हैं, हमारी संतान हैं, हमारे सगे साथी हैं, का नारा देने वाले वृक्षमानव विश्वेश्वर दत्त सकलानी के जन्म शताब्दी समारोह पर सत्यों पुजार गांव में भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान उनके कार्यों का अनुसरण करते हुए विभिन्न आयोजनों में पेड़ लगाने का संकल्प लेने की बात कही गई।

गुरुवार को सत्यों पुजारगांव में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और वृक्षमानव विश्वेश्वर दत्त सकलानी की फोटो पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि युगपुरुष विश्वेश्वर दत्त सकलानी ने विश्व में सबसे अधिक 50 लाख से अधिक चौड़ी पत्ती के पेड़ लगाकर अपना पूरा जीवन प्रकृति को समर्पित कर दिया था। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार एक वृक्ष देश-समाज को 74000 हजार रुपये की सेवाएं प्रदान करता है। इस हिसाब से पहाड़ के मांझी के लगाए पेड़ों की गणना की जाए तो कंप्यूटर ही फेल हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने वनाधिकार का मुद्दा भी रखा।

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धनोल्टी विधायक प्रीतम पंवार ने कहा कि स्व. सकलानी ने सच्चे कर्मयोगी की तरह अपना जीवन इस धरा को हरा-भरा करने में लगाया।

संतोष सकलानी ने कहा कि वृक्षमानव का सपना था कि प्रत्येक आदमी पेड़ों को अपने जीवन के तुल्य माने और उनकी रक्षा करे। उनका संदेश था कि तीन महत्वपूर्ण मौकों जन्म, विवाह और मत्यु पर एक पेड़ जरूर लगाएं।

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कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया। इस मौके पर एसडीएम लक्ष्मीराम चैहान, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मीरा सकलानी, शशिभूषण जोशी, प्रो. जयंत, सोमवारी लाल सकलानी, शैलेेंद्र सकलानी, संतोष सकलानी, महीपाल नेगी आदि मौजूद थे।