उत्तराखंड के सबसे लंबे रोपवे से आसान होगी केदारनाथ यात्रा, 7-8 घंटे के बजाए 30 मिनट में तय होगा सफर

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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देहरादून: श्रद्धालुओं को अभी सोनप्रयाग से केदारनाथ जाने में 7-8 घंटे लगते हैं, लेकिन आने वाले समय में उनका ये सफर केवल 30 मिनट में तय होगा। ऐसे में हर उम्र के लोग आसानी से केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे। राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड की बैठक में केदारनाथ रोपवे परियोजना को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

मौजूदा समय में केदारनाथ जाने के दो विकल्‍प हैं। पहला पैदल रास्ते से सोनप्रयाग से 7-8 घंटे का सफर कर यहां पहुंचा जा सकता है और दूसरा हेलीकॉप्‍टर सेवा है। हेलीकॉप्‍टर सेवा महंगी होने के साथ साथ अधिक मांग होने की वजह से आसानी से उपल्‍ब्‍ध नहीं होती है। इस वजह से ज्‍यादातर श्रद्धालु पैदल ही केदारनाथ जाने का विकल्प इस्तेमाल करते हैं।

आठ घंटे की पैदल दूरी 30 मिनट में होगी पूरी

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समुद्रतल से साढ़े ग्यारह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम के लिए सोनप्रयाग से करीब 18 से 20 किलोमीटर की पैदल दूरी है। इसे तय करने में यात्रियों को लगभग आठ घंटे का समय लगता है। रोपवे बनने से यह दूरी 30 मिनट में पूरी हो जाएगी।

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सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे पर चार स्टेशन गौरीकुंड, चीरबासा, लिनचोली और केदारनाथ में बनाए जाने प्रस्तावित है। यह क्षेत्र नेशनल वाइल्डलाइन सेंचुरी के अंतर्गत आता है, इसे देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने रोपवे परियोजना की मंजूरी को पर्यावरण मंत्रालय को पत्र लिखा था।