रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल देहरादून में 7वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे

हिमशिखर खबर ब्यूरो

Uttarakhand

नई दिल्ली: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिनांक 14 जनवरी को देहरादून छावनी के जसवंत मैदान में सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक रैली को संबोधित करने के साथ 7वें सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे । वह देहरादून से नीती घाटी में स्थित गमशाली तक एक कार अभियान को हरी झंडी दिखाकर भारतीय सेना और सीएलएडब्ल्यू ग्लोबल की संयुक्त साहसिक खेल पहल ‘सोल ऑफ स्टील एल्पाइन चैलेंज’ का भी शुभारंभ करेंगे । हमारे सशस्त्र बलों के सर्वोच्च बलिदान एवं उनकी समर्पित सेवा को श्रद्धांजलि देने के लिए वह उत्तराखंड युद्ध स्मारक ट्रस्ट द्वारा विकसित शौर्य स्थल को समर्पित करेंगे, जिसने दिनांक 14 जनवरी, 2023 को सर्वसम्मति से भूतपूर्व सैनिक दिवस पर सशस्त्र बलों को अपना नियंत्रण भारतीय सेना को सौंपने का फैसला किया।

इस वर्ष यह कार्यक्रम तीन सेवा मुख्यालयों द्वारा देश भर में नौ स्थानों पर मनाया जा रहा है, अर्थात् झुंझुनू, जालंधर, पानागढ़, नई दिल्ली, देहरादून, चेन्नई, चंडीगढ़, भुवनेश्वर एवं मुंबई। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता रक्षा राज्य मंत्री करेंगे।

पूर्व सैनिक दिवस के उत्सव में वृद्धि करने के प्रयास के अंतर्गत राज्यों/ केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों/ उपराज्यपालों से अपने संबंधित राज्यों/ जिलों में दिनांक 14 जनवरी 2023 को पूर्व सैनिक दिवस मनाने का आग्रह किया गया है । इस आयोजन के दौरान, पूर्व सैनिकों को पदक/स्मारिका/मान्यता प्रमाण पत्र आदि देकर सम्मानित किया जाएगा। इस उत्सव के दौरान, ‘वी फॉर वेटरन्स’ एंथम – हमारे दिग्गजों की वीरता और बलिदान को याद करने के लिए एक गीत भी बजाया जाएगा।

Uttarakhand Uttarakhand

सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस दिनांक 14 जनवरी को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1953 में भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर इन चीफ (सी-इन-सी) फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा, जिन्होंने 1947 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया, औपचारिक रूप से सेवा से सेवानिवृत्त हुए थे। यह दिन सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस के रूप में मनाया जाता है और यह दिवस हमारे सम्मानित भूतपूर्व सैनिकों को समर्पित है।

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand

पहला सशस्त्र सेना पूर्व सैनिक दिवस दिनांक 14 जनवरी, 2016 को मनाया गया था और यह निर्णय लिया गया था कि हर साल हमारे सशस्त्र बलों के पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान में इस तरह के इंटरैक्टिव कार्यक्रमों की मेजबानी करके इस दिन को मनाया जाए।