गौमाता से निरोगी भारत: गौमाता के आर्थिक और सामाजिक पहलूओ पर होगी कार्यशाला

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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नई दिल्ली: विश्व में भारत ही एक ऐसा देश है जहां पर गाय को गौ-माता का दर्जा देकर इसकी पूजा की जाती है। गाय को किसी भगवान से कम नहीं माना जाता है। हम अपनी सुख समृद्धि के लिए गाय का पूजन करते हैं। गाय समस्त प्राणियों की माता के सदृश सर्व सुखों को देने वाली है। फिरोजाबाद में पंचगव्य चिकित्सा सम्मेलन का आयोजन 24 से 25 जून तक किया जाएगा। इसमें पंचगव्य चिकित्सा और शिविर के साथ व्याख्यान का आयोजन किया जाएगा जिसमें मुख्य वक्ता मुख्य वक्ता डा निरंजन वर्मा और डा कमल टावरी रहेंगे।

25 जून को आगरा में द पृथ्वी फाउंडेशन के तत्वाधान में कार्यशाला का आयोजन किया जाए। 26 जून को वृंदावन में रमणरेती परिक्रमा मार्ग पर राधारमण बगीचा में बालकराम बाबा के मार्गदर्शन में एक कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य वक्ता डा निरंजन वना और डा कमल टावरी रहेंगे।

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डा कमल टावरी ने कहा कि गाय के आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय पहलुओं पर चर्चा की जानी चाहिए। जो लोग इस क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर चुके हैं, उनका अभिनंदन किया जाना चाहिए। उत्तराखण्ड में बद्री गाय के संरक्षण की दिशा पर भी कार्य किया जाना चाहिए।