मरोड़ा हादसे की आपबीती: ‘मेरी आंखों के सामने खत्म हो गई नाती और नातिन की जिंदगी’, मंजर याद कर फफक कर रो पड़े प्रेम दास

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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नई टिहरी:  शनिवार रात करीब 12 बजे मूसलाधार बारिश के बीच पानी के बहाव की आवाज सुनाई दी। अचानक नींद खुली तो कमरे से बाहर आ गया और बगल के कमरे में सोए बहू और बेटे को जगाया। इतने में मेरे कमरे के अंदर मलबा आने से नाती और नातिन मलबे में दफन हो गए। पलक झपकते ही आंखों के सामने खौफनाक मंजर था। ये आपबीती सुनाते हुए मरोड़ा के प्रेमदास की आंखों से आंसुओं की धारा छलक गई।

धनोल्टी तहसील के मरोड़ा गाँव में काल बनकर टूटी प्रकृति ने पलभर में प्रेमदास के परिवार की मानो खुशियाँ ही छीन ली। प्रेमदास घर पर ही खेतीबाड़ी करते हैं। शनिवार रात की घटना को याद करते हुए वह बताते हैं कि एक कमरे में वह अपनी पत्नी और नाति-नातिन के साथ सो रहे थे। रात को करीब 11 बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। करीब 12 बजे पानी बहने की आवाज सी आई। अचानक नींद खुली तो कुछ अनहोनी की आशंका हुई।

कमरे से तुरंत बाहर निकलकर बगल के कमरे में सो रहे बेटे-बहू को जगाया। इसी बीच उनका कमरा मलबे में दफन हो गया। कहना है कि पलभर में मौत का मंजर आंखों के सामने था, नाती नातिन को बचाना तो दूर पलक झपकने का समय तक नहीं मिला। बताया कि उनके कमरे में मलबे और पत्थर के साथ भारी मात्रा में पानी भी घुस आया। पानी और पत्थरों से उनके कमरे की खिड़की टूटकर बाहर आ गई और उनकी पत्नी गंगा देवी पानी के सैलाब के साथ खिड़की के रास्ते बहकर बाहर आ गई। लेकिन उनके नाती और नातिन और मलबे के ढेर में दफन हो गए। इस घटना को याद करते हुए प्रेमदास की रूह कांप जाती है। अपने प्यारे नाती और नातिन की मौत से बूढी आंखों से आंसुओं की धारा रुकने का नाम नहीं ले रही है।

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मौत खींच लाई रणवीर को

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अमूमन प्रवीण दास का बेटा रणवीर अपने मां पिता के साथ सोता था। लेकिन शनिवार को उसने दादा-दादी के कमरे में सोने की जिद की। उनके परिजनों को क्या मालूम था कि रणवीर के लिए आज की रात आखिरी रात होने वाली है। गांव में इस घटना के बाद शोक की लहर है।