पंडित उदय शंकर भट्ट
सुप्रभातम्,
आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज रविवार को भी प्रस्तुत कर रहा है आपके लिए पंचांग, जिसको देखकर आप बड़ी ही आसानी से पूरे दिन की प्लानिंग कर सधर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो।
आज का विचार
बहुत बार जीवन में हमारी अपेक्षा के अनुरूप फल की प्राप्ति नहीं हो पाती है। अपेक्षा के अनुरूप फल की प्राप्ति न हो पाना ही हमारे जीवन में दुःखों का एक प्रमुख कारण भी है।
आज का भगवद् चिन्तन
विवेक की चाबी
जीवन में केवल चिंता करने मात्र से कठिनाइयाँ हल नहीं हो जाती हैं। चिन्ता हमारे चिंतन की क्षमता को अवरुद्ध कर देती है और यही अवरोध तो हमारे दुखों का मूल कारण है। वह एक बार नहीं आजीवन चिंता की अग्नि में जलता रहता है। चिंता करने मात्र से आने वाली समस्या का हल तो नहीं होता है लेकिन वर्तमान की शांति जरूर भंग हो जाती है। चिंताग्रस्त मस्तिष्क गेंहूँ के उस दाने के समान होता है जो बाहर से साबुत दिखते हुए भी अंदर से खोखला हो जाता है।
किसी भी समस्या के आ जाने पर उसके समाधान के लिए विवेकपूर्ण निर्णय ही चिन्तन है। चिन्तनशील व्यक्ति के लिए कोई ना कोई मार्ग अवश्य मिल ही जाता है। जिसके पास विवेक है वह समस्या के आगे से हटता नहीं अपितु डटता है।जीवन में किसी भी समस्या का डटकर मुकाबला करना आधी सफलता प्राप्त कर लेना भी है। जीवन में विवेक की चाबी से समस्या के ताले अवश्य खुल जाते हैं।
आज का पंचांग
सूर्योदय: 07:13
सूर्यास्त: 18:01
तिथि: द्वितीया – 21:09 तक
नक्षत्र: शतभिषा – 17:39 तक
योग: परिघ – 10:39 तक
क्षय योग: शिव – 06:30, फरवरी 12 तक
करण: बालव – 10:57 तक
द्वितीय करण: कौलव – 21:09 तक
पक्ष: शुक्ल पक्ष
वार: रविवार
अमान्त महीना: माघ
पूर्णिमान्त महीना: माघ
चन्द्र राशि: कुम्भ
सूर्य राशि: मकर
शक सम्वत: 1945 शोभकृत्
विक्रम सम्वत: 2080 नल
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