आज का पंचांग : विश्वास जीवन का आधार

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

ये मल्टीटास्किंग का जमाना है। आजकल के बच्चों को सिखाया जाता है कि प्रतिस्पर्धा के युग में दो पैसे ज्यादा कमाना हो तो एक से अधिक काम करना चाहिए। मल्टीटास्किंग से पैसा तो अधिक आ जाता है, पर मानसिक अशांति बढ़ जाती है। तो जो लोग मल्टीटास्किंग में लगे हों, उनको एक प्रयोग करना चाहिए।हाथ से लिखने की वृत्ति बढ़ा देना चाहिए। शिक्षा का अर्थ होता है पढ़ना-लिखना। तो यदि हम पढ़ रहे हैं तो लिखना न छोड़ें, क्योंकि जितना अधिक अपने हाथ से लेखन करेंगे, जीवन के उतने निकट हो जाएंगे। ऐसे प्रयोग मनोवैज्ञानिकों ने किए हैं कि जिन लोगों ने हाथ से नोट्स बनाए और जिन लोगों ने मोबाइल पर टाइप किया, उनकी याददाश्त के स्तर में फर्क पाया गया है।जिन्होंने हाथ से लिखा, उनका स्मृति का स्तर बढ़ा हुआ मिला, क्योंकि लिखा हुआ ज्यादा देर तक याद रहता है। टाइप करना मल्टीटास्किंग है, हाथ से लिखना फोकस्ड मामला है। इसे यूं भी समझ सकते हैं कि कर्मकांड टाइपिंग है और लेखन ध्यान है।

आज का विचार

संसार का सबसे सुरक्षित बीमा है, परमात्मा पर भरोसा। बस याद रखें और अच्छे कर्मों की किश्त समय से भरते रहें.!!

आज का भगवद् चिन्तन

विश्वास जीवन का आधार

विश्वास ही जीवन का आधार है। विश्वास के अभाव में जीवन धूप में कुम्हलाई लता के समान हो जाता है। स्वामी विवेकानंद जी कहा करते थे कि सब कुछ चले जाने के बाद भी जिसके बल पर पुनः वह सब कुछ पाया जा सकता है वह आपका “विश्वास” ही है। स्वयं पर विश्वास, अपने कर्म पर विश्वास और परमात्मा के प्रति विश्वास रखने से सब कुछ फिर से प्राप्त किया जा सकता है।

यदि विश्वास ही नहीं होगा तो जीवन में आनंद और सौंदर्य के पुष्प भी नहीं खिल सकेंगे। विश्वास न होने पर जीवन, मूल विहीन वृक्ष के समान है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विश्वास आवश्यक है। अपने में विश्वास हो, अपनों में विश्वास हो और प्रभु में विश्वास हो तो जीवन शांत, सुखी और आनंदमय बन जाता है। विश्वास में अद्भुत सामर्थ्य है। विश्वास के बल पर मनुष्य को ही नहीं अपितु परमात्मा को भी वश में किया जा सकता है।

आज का पंचांग, 4 फरवरी

तिथिसप्तमी (4 फरवरी 2025, सुबह 4.37- 5 फरवरी 2025, प्रात: 2.30)
पक्षशुक्ल
वारमंगलवार
नक्षत्रअश्विनी
योगसर्वार्थ सिद्धि, शुभ, अमृत सिद्धि योग
राहुकालदोपहर 3.19 – शाम 4.41
सूर्योदयसुबह 7.08 – शाम 6.03
चंद्रोदयसुबह 10.42 – प्रात: 12.23, 5 फरवरी
दिशा शूलउत्तर
चंद्र राशिमेष
सूर्य राशिमकर

शुभ मुहूर्त, 4 फरवरी

ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5.29 – सुबह 06.18
अभिजित मुहूर्तदोपहर 12.13 – दोपहर 12.56
गोधूलि मुहूर्तशाम 05.28 – शाम 05.55
विजय मुहूर्तदोपहर 01.59 – दोपहर 02.44
अमृत काल मुहूर्तदोपहर 3.03 – शाम 4.34
निशिता काल मुहूर्तरात 12.07 – प्रात: 1.00, 1 फरवरी