आज का पंचांग : स्वयं का परिवर्तन

पंडित उदय शंकर भट्ट

Uttarakhand

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज का विचार

जीवन में परेशानिया चाहे जितनी भी हों, चिंता करने से और बड़ी हो जाती हैं। खामोश होने से काफी कम हो जाती हैं। सब्र करने से खत्म हो जाती हैं, तथा परमात्मा का शुक्र करने से खुशियों में बदल जाती हैं.

आज का भगवद् चिन्तन

स्वयं का परिवर्तन

महापुरुषों के वचन हैं कि मनुष्य को सदैव स्वयं के प्रति कठोर और दूसरों के प्रति सरल होना चाहिए। यहाँ प्रत्येक व्यक्ति दूसरे को सुधारने में लगा है। आज प्रत्येक व्यक्ति की मनःस्थिति कुछ इस प्रकार की हो गई है कि वह स्वयं चाहे कितना ही झूठ बोले पर कोई दूसरा बोल दे तो उसे बर्दाश्त नहीं हो पाता है। वो दूसरों पर कितना भी क्रोध कर ले पर जब कोई उस पर क्रोध करता है, तब उसे असहनीय हो जाता है। ज्ञानी व्यक्ति किसी पूर्वाग्रह से मुक्त होता है। वह किसी पर अपना आधिपत्य जमाने का प्रयास नहीं करता है। लोग जैसे हैं, उन्हें वैसे ही स्वीकार कर लेना ही सबसे बड़ा ज्ञान है। भगवान बुद्ध कहते हैं कि सत्य का पालन स्वयं करना तो धर्म है पर दूसरों से जबरदस्ती सत्य का पालन कराना भी हिंसा का एक रूप है। प्रयासरत रहें कि जो परिवर्तन हम दूसरों में देखना चाहते हैं, उन्हें पहले स्वयं के जीवन में लाया जाये।

पंचांग- 14 फरवरी 2025

विक्रम संवत – 2081,

पिंगलशक सम्वत – 1946,

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क्रोधीपूर्णिमांत – फाल्गुन

तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीया- फरवरी 13 08:22 PM- फरवरी 14 09:52 पं

नक्षत्रपूर्व फाल्गुनी – फरवरी 13 09:07 PM- फरवरी 14 11:09 पं

योगअतिगण्ड – फरवरी 13 07:31 AM- फरवरी 14 07:20 ऍम

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय – 7:04 ऍम

सूर्यास्त – 6:17 पं

चन्द्रोदय – फरवरी 13 7:08 पं

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चन्द्रास्त – फरवरी 14 8:02 AM