आज का पंचांग : अधिकार व कर्तव्य

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

माघ कृष्ण पक्ष दशमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, पौष | आज है लोहड़ी (लोहरी)|

आज दशमी तिथि 03:18 PM तक उपरांत एकादशी | नक्षत्र विशाखा 12:06 AM तक उपरांत अनुराधा | शूल योग 07:04 PM तक, उसके बाद गण्ड योग | करण विष्टि 03:18 PM तक, बाद बव 04:36 AM तक, बाद बालव | आज राहु काल का समय 03:15 PM – 04:36 PM है | आज 05:21 PM तक चन्द्रमा तुला उपरांत वृश्चिक राशि पर संचार करेगा |

आज का विचार

शब्दों में धार नहीं, बल्कि आधार होना चाहिए। क्योंकि जिन शब्दों में धार होती है वो मन को काटते है। और जिन शब्दों में आधार होता है वो मन को जीत लेते है.!

आज का भगवद् चिन्तन

अधिकार व कर्तव्य

आप अपने अधिकारों के प्रति सजग रहते हैं, ये अच्छी बात है, लेकिन आपको अपने कर्तव्यों का बोध भी अवश्य होना चाहिए। यदि आप एक बेटे हैं तो आपको अपने माँ-बाप के प्रति, आप एक पिता हैं तो आपको अपने बच्चों के प्रति, आप एक पति हैं तो आपको अपनी पत्नी के प्रति, आप एक भाई हैं तो आपको अपने भाई-बहनों के प्रति, आप एक पत्नी हैं तो आपको अपने पति के प्रति और यदि आप एक बहु हैं तो आपको अपने सास-ससुर के प्रति अपने अधिकारों से अधिक अपने कर्तव्यों का ज्ञान होना चाहिए।

जिस घर के लोग अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं, उस घर में निश्चित ही स्वर्ग उतर आता है। अपने कर्तव्यों का भान प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक स्थिति में होना ही चाहिए, चाहे उसका पद और कद कितना भी बड़ा क्यों न हो। जिस दिन आपको अधिकारों से पहले अपने कर्तव्यों का बोध हो जाएगा उसी दिन आपके द्वारा एक सुखमय एवं आनंदमय जीवन की आधारशिला भी रख ली जाती है।

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