आज का पंचांग : सीख लेना भी सीखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का भगवद् चिंतन

सीख लेना भी सीखें

चींटी से मेहनत, बगुले से तरकीब और मकड़ी से कारीगरी ये हमें अपने जीवन में सीखनी चाहिए। नन्हीं सी चींटी महीने भर मेहनत करती है और साल भर आराम और निश्चिंतता से अपना जीवन जीती है। जीवन में कभी-कभी बहुत मेहनत के बाद भी कार्य सिद्ध नहीं हो पाता है पर वही कार्य कम मेहनत में तरकीब से सिद्ध हो जाता है।

बगुला पक्षी हमें सिखाता है कि असफलता की स्थिति में रास्ते बदलो पर लक्ष्य मत बदलो।मकड़ी हमें जीवन में रचनात्मकता की सीख देती है। यदि हम सदैव कुछ रचनात्मक करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं तो एक दिन हम पायेंगे कि हमारी रचनात्मकता सृजन का रूप ले चुकी होती है और एक नया अविष्कार हमारे द्वारा निष्पादित हो चुका होता है।

मकड़ी की तरह अपने कार्य में निष्ठापूर्वक व्यस्त रहो और मस्त रहो लेकिन जीवन की उलझनों में कभी भी केवल अस्त-व्यस्त मत रहो।

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय05:48 ए एमसूर्यास्त07:10 पी एम
चन्द्रोदय12:53 ए एम, मई 09चन्द्रास्त10:37 ए एम
पञ्चाङ्ग
तिथिषष्ठी – 12:21 पी एम तकनक्षत्रउत्तराषाढा – 09:20 पी एम तक
सप्तमीश्रवण
योगशुभ – 02:30 ए एम, मई 09 तककरणवणिज – 12:21 पी एम तक
शुक्लविष्टि – 01:16 ए एम, मई 09 तक
वारशुक्रवारबव
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते25वैशाख – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमकरनक्षत्र पदउत्तराषाढा – 08:06 ए एम तक
सूर्य राशिमेषउत्तराषाढा – 02:43 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रभरणीउत्तराषाढा – 09:20 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदभरणी – 08:53 ए एम तकश्रवण – 03:54 ए एम, मई 09 तक
भरणीश्रवण
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 22 मिनट्स 22 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान10 घण्टे 36 मिनट्स 56 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:29 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:23 ए एम से 05:05 ए एमप्रातः सन्ध्या04:44 ए एम से 05:48 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:02 पी एम से 12:56 पी एमविजय मुहूर्त02:43 पी एम से 03:36 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:09 पी एम से 07:30 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:10 पी एम से 08:14 पी एम
अमृत काल02:15 पी एम से 04:01 पी एमनिशिता मुहूर्त12:07 ए एम, मई 09 से 12:50 ए एम, मई 09
सर्वार्थ सिद्धि योग09:20 पी एम से 05:47 ए एम, मई 09रवि योग05:48 ए एम से 09:20 पी एम

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