आज का पंचांग : उपहास से डरें नहीं

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का भगवद् चिंतन

उपहास से डरें नहीं

किसी को गिराने का सबसे सशक्त हथियार है, कि उसका अथवा उसके द्वारा किये जा रहे कार्य का उपहास कर सामने वाले के मनोबल को कमजोर किया जाये। श्रेष्ठ लक्ष्य की शुरुआत सदैव उपहास से ही होती है। लक्ष्य श्रेष्ठ होते हुए भी यदि किसी के द्वारा बार-बार आपका उपहास किया जा रहा है तो समझ लेना चाहिए कि वो आपको सफल होते नहीं देखना चाहता है।

जहाँ उपहास से बात नहीं बनती फिर वहाँ से विरोध का जन्म प्रारम्भ होता है। दुनिया प्रत्येक उस महान कार्य का विरोध करती है, जो वह स्वयं नहीं कर सकती। मनुष्य मन बड़ा ही ईर्ष्यालु होता है इसलिए दूसरे की यश, कीर्ति, मान, प्रतिष्ठा वह कभी देख ही नहीं सकता। धैर्य एवं निष्ठा के साथ अपने मार्ग पर अग्रसर रहें, लोग हँसेगे, लोग जलेंगे लेकिन आपकी यश-कीर्ति के प्रकाश को धूमिल नहीं कर पायेंगे।

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय05:46 ए एमसूर्यास्त07:11 पी एम
चन्द्रोदय02:01 ए एम, मई 11चन्द्रास्त12:33 पी एम
पञ्चाङ्ग
तिथिअष्टमी – 03:06 पी एम तकनक्षत्रधनिष्ठा – 12:50 ए एम, मई 11 तक
नवमीशतभिषा
योगब्रह्म – 02:09 ए एम, मई 11 तककरणकौलव – 03:06 पी एम तक
इन्द्रतैतिल – 03:21 ए एम, मई 11 तक
वाररविवारगर
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते27वैशाख – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमकर – 12:12 पी एम तकनक्षत्र पदधनिष्ठा – 05:50 ए एम तक
कुम्भधनिष्ठा – 12:12 पी एम तक
सूर्य राशिमेषधनिष्ठा – 06:32 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रभरणीधनिष्ठा – 12:50 ए एम, मई 11 तक
सूर्य नक्षत्र पदभरणीशतभिषा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 24 मिनट्स 54 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान10 घण्टे 34 मिनट्स 26 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:29 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:22 ए एम से 05:04 ए एमप्रातः सन्ध्या04:43 ए एम से 05:46 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:02 पी एम से 12:56 पी एमविजय मुहूर्त02:43 पी एम से 03:37 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:10 पी एम से 07:31 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:11 पी एम से 08:15 पी एम
अमृत काल01:49 पी एम से 03:30 पी एमनिशिता मुहूर्त12:07 ए एम, मई 11 से 12:50 ए एम, मई 11

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