आज का पंचांग : प्राप्ति नहीं, पचाना कठिन

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का विचार

भाग्य के दरवाजे पर सर पीटने से बेहतर है, कर्मो का तूफ़ान पैदा करे, सारे दरवाजे खुल जायेंगे। परिस्थितिया जब विपरीत होती है, तब प्रभाव और पैसा नहीं स्वभाव और सम्बंध काम आते हैं.!!

आज का भगवद् चिन्तन
प्राप्ति नहीं, पचाना कठिन

भोजन न पचने पर रोग बढ़ जाता है, ज्ञान न पचने पर प्रदर्शन बढ़ जाता है और पैसा न पचने पर अनाचार बढ़ जाता है। ऐसे ही प्रशंसा न पचने पर अहंकार बढ़ जाता है, सुख न पचने पर पाप बढ़ जाता है और सम्मान न पचने पर तामस बढ़ जाता है। इस दुनिया में किसी वस्तु अथवा पदार्थ का मिलना कठिन नहीं अपितु मिल जाने के बाद उसको पचा पाना कठिन है।

भोजन पचने पर वह शरीर की पुष्टी में लग जायेगा, ज्ञान पचने पर वह मौन रूप से प्रदर्शन को छोड़कर आत्मदर्शन में लग जायेगा और पैसा पचने पर वह भी परमार्थ एवं परोपकार जैसे धर्म कार्यों में लग जायेगा। प्रशंसा पचने पर वह आत्ममंथन अथवा आत्म मूल्यांकन में लग जायेगी, सुख पचने पर वह सदमार्ग की ओर ले जायेगा एवं सम्मान पचने पर वह भी जीवन में स्थिरता एवं सहजता को प्रदान कर देगा।

श्री सालासर बालाजी मंदिर

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय05:39 ए एमसूर्यास्त07:20 पी एम
चन्द्रोदय02:11 पी एमचन्द्रास्त02:15 ए एम, मई 26
पञ्चाङ्ग
तिथिदशमी – 05:10 ए एम, मई 26 तकनक्षत्रउत्तराफाल्गुनी – 04:08 ए एम, मई 26 तक
एकादशीहस्त
योगवज्र – 03:15 ए एम, मई 26 तककरणतैतिल – 04:46 पी एम तक
सिद्धिगर – 05:10 ए एम, मई 26 तक
वारसोमवारवणिज
पक्षशुक्ल पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 रौद्रबृहस्पति संवत्सररौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ (अधिक) – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते11ज्येष्ठ (अधिक) – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिसिंह – 09:07 ए एम तकनक्षत्र पदउत्तराफाल्गुनी – 09:07 ए एम तक
कन्याउत्तराफाल्गुनी – 03:25 पी एम तक
सूर्य राशिवृषभउत्तराफाल्गुनी – 09:46 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रकृत्तिका – 03:44 पी एम तकउत्तराफाल्गुनी – 04:08 ए एम, मई 26 तक
रोहिणीहस्त
सूर्य नक्षत्र पदकृत्तिका – 03:44 पी एम तक  
रोहिणी  
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 41 मिनट्स 08 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुग्रीष्मरात्रिमान10 घण्टे 18 मिनट्स 31 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:29 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:16 ए एम से 04:57 ए एमप्रातः सन्ध्या04:37 ए एम से 05:39 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:02 पी एम से 12:57 पी एमविजय मुहूर्त02:46 पी एम से 03:41 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:18 पी एम से 07:39 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:20 पी एम से 08:22 पी एम
अमृत काल08:33 पी एम से 10:14 पी एमनिशिता मुहूर्त12:08 ए एम, मई 26 से 12:50 ए एम, मई 26
रवि योगपूरे दिन 

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