पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
प्रभात चिंतन
अज्ञश्चा श्रद्दधानश्च संशयात्मा विनश्यति।
नायं लोकोऽस्ति न परोन सुखं संशयात्मनः।।
भावार्थ:- जो व्यक्ति संदेह या संशय करने वाला होता है, उसे कभी भी सुख और शांति नहीं मिलती है। वह स्वयं का ही विनाश करता है। न उसे इस लोक में सुख मिलता है और न ही परलोक में। जो व्यक्ति संशय रहित होकर कार्य करते हैं, वही सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
आज का भगवद् चिंतन
मधुर स्वभाव
चेहरे की सुंदरता नहीं अपितु स्वभाव की मधुरता ही सम्बन्धों में स्थायी प्रीति का आधार है। मधुर स्वभाव ही जीवन को मधुरता और सुंदरता प्रदान करता है। यदि किसी व्यक्ति में सुंदरता की कमी हो तो अच्छे स्वभाव से पूरी की जा सकती है, लेकिन अच्छे स्वभाव की कमी हो तो सुंदरता से उसकी पूर्ति कभी नहीं की जा सकती। चेहरे की सुंदरता तो प्रकृति पर निर्भर होती है, लेकिन स्वभाव की सुंदरता हमारी प्रवृत्ति पर निर्भर करती है।
चेहरे की सुंदरता जहाँ केवल आँखों तक उतर पाती है, वहीं स्वभाव की सुंदरता सामने वाले के हृदय तक उतर जाती है। अच्छा स्वभाव व्यक्ति को किसी के दिल में उतार देता है तो बुरा स्वभाव व्यक्ति को किसी के दिल से भी उतार देता है। आज हम लोग इसलिए भी दुःखी रहते हैं क्योंकि हम मकान, शहर, देश, मित्र, सम्बंध सब कुछ बदलते हैं पर अपना स्वभाव नहीं बदल पाते। अपने स्वभाव को मृदु बनाओ ताकि हमारा पूरा जीवन मधुरता से भर सके।
श्री सालासर बालाजी मंदिर
आज का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
| सूर्योदय | 05:36 ए एम | सूर्यास्त | 07:28 पी एम |
|---|---|---|---|
| चन्द्रोदय | 03:28 ए एम, जून 13 | चन्द्रास्त | 04:28 पी एम |
पञ्चाङ्ग
| तिथि | द्वादशी – 07:36 पी एम तक | नक्षत्र | अश्विनी – 06:28 ए एम तक |
|---|---|---|---|
| त्रयोदशी | भरणी – 04:05 ए एम, जून 13 तक | ||
| योग | अतिगण्ड – 09:26 पी एम तक | कृत्तिका | |
| सुकर्मा | करण | कौलव – 09:10 ए एम तक | |
| वार | शुक्रवार | तैतिल – 07:36 पी एम तक | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष | गर |
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
| विक्रम सम्वत | 2083 रौद्र | बृहस्पति संवत्सर | रौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक |
|---|---|---|---|
| शक सम्वत | 1948 पराभव | रौद्र | |
| गुजराती सम्वत | 2082 पिङ्गल | चन्द्रमास | ज्येष्ठ (अधिक) – पूर्णिमान्त |
| प्रविष्टे/गते | 29 | ज्येष्ठ (अधिक) – अमान्त | |
| राजा | गुरु – शासन व्यवस्था के स्वामी | सेनाधिपति | चन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक |
| मन्त्री | मंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी | धान्याधिपति | बुध – रबी की फसलों के स्वामी |
| सस्याधिपति | गुरु – खरीफ की फसलों के स्वामी | मेघाधिपति | चन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी |
| धनाधिपति | गुरु – धन एवं कोष के स्वामी | नीरसाधिपति | गुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी |
| रसाधिपति | शनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी | फलाधिपति | चन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी |
राशि तथा नक्षत्र
| चन्द्र राशि | मेष | नक्षत्र पद | अश्विनी – 06:28 ए एम तक |
|---|---|---|---|
| सूर्य राशि | वृषभ | भरणी – 11:55 ए एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र | मृगशिरा | भरणी – 05:20 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र पद | मृगशिरा | भरणी – 10:44 पी एम तक | |
| भरणी – 04:05 ए एम, जून 13 तक | |||
| कृत्तिका |
ऋतु तथा अयन
| द्रिक ऋतु | ग्रीष्म | दिनमान | 13 घण्टे 52 मिनट्स 20 सेकण्ड्स |
|---|---|---|---|
| वैदिक ऋतु | ग्रीष्म | रात्रिमान | 10 घण्टे 07 मिनट्स 42 सेकण्ड्स |
| द्रिक अयन | उत्तरायण | मध्याह्न | 12:32 पी एम |
| वैदिक अयन | उत्तरायण |
शुभ समय
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:15 ए एम से 04:55 ए एम | प्रातः सन्ध्या | 04:35 ए एम से 05:36 ए एम |
|---|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:04 पी एम से 01:00 पी एम | विजय मुहूर्त | 02:51 पी एम से 03:46 पी एम |
| गोधूलि मुहूर्त | 07:27 पी एम से 07:47 पी एम | सायाह्न सन्ध्या | 07:28 पी एम से 08:29 पी एम |
| अमृत काल | 11:46 पी एम से 01:12 ए एम, जून 13 | निशिता मुहूर्त | 12:12 ए एम, जून 13 से 12:52 ए एम, जून 13 |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 05:36 ए एम से 06:28 ए एम |