आज का पंचांग : कहना नहीं, करना सीखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आषाढ़ शुक्ल पक्ष पंचमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़.

आज पंचमी तिथि 03:43 AM तक उपरांत षष्ठी. नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 06:00 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी. वरीयान योग 08:45 PM तक, उसके बाद परिघ योग. करण बव 04:07 PM तक, बाद बालव 03:43 AM तक, बाद कौलव. आज राहु काल का समय 09:14 AM – 10:53 AM है. आज 11:58 PM तक चन्द्रमा सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा.

आज का विचार

व्यक्ति के व्यक्तित्व को दो शब्द परिभाषित करते है, पहला धैर्य और दूसरा व्यवहार। जिसकी प्रेरणा से आपका चरित्र बदल जाय, वही आपका श्रेष्ठ गुरु है.!!

आज का भगवद् चिन्तन

कहना नहीं, करना सीखें

कोरा उपदेश भी तब तक किसी काम का नहीं, जब तक उसे चरितार्थ न किया जाए। वाणी के बजाय कार्य से दिए गए उदाहरण कई ज्यादा प्रभावी होते हैं। प्रत्येक सफल व्यक्तियों में एक बात की समानता मिलती है, कि उन्होंने केवल वाणी से नहीं अपितु अपने कार्यों से भी उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। बिना पुरुषार्थ के हमारे महान से महान संकल्प भी केवल रेत के विशाल महल का निर्माण करने जैसे हो जाते हैं।

हमारे पास संकल्प रूपी मजबूत आधारशिला तो होनी ही चाहिए लेकिन पुरुषार्थ रूपी पिलर भी होने चाहिए, जिस पर सफलता रुपी गगनचुम्बी महल का निर्माण संभव हो सके। महत्वपूर्ण ये नहीं कि हम अच्छा कह रहे हैं अपितु महत्वपूर्ण तो ये है, कि हम अच्छा कर रहे हैं। सृजनात्मकता जीवन की माँग ही नहीं अपितु अनिवार्यता भी है। इसलिए केवल अच्छा कहना नहीं अपितु अच्छा करना भी हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।