भाई कमलानंद
पूर्व सचिव भारत सरकार
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक विजयादशमी के शुभ अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है और हमें सत्य, धर्म और साहस के स्थायी मूल्यों की याद दिलाता है.यह हम सभी को ईमानदारी के साथ कार्य करने, न्याय को बनाए रखने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करता है. मेरा सबसे अनुरोध है की कृपा करके हर हर चीज में एक नए अवसर ढूंढे .
उत्तराखंड में बड़ी संख्या में निर्विरोध पंचायत प्रतिनिधि आए हैं. यह एक अच्छी पहल है, सुअवसर है, अगर हम उनके कार्यों में ग्राम स्वराज, स्वदेशी, स्वावलंबन, स्वरोजगार, आत्मनिर्भर आदि के साथ पर्यावरणपूरक धंधे, उसमें देशी गाय, देसी सोच, देशी जीवन शैली, देशी खानपान को जोड़ लें.
भारत माता, पृथ्वी माँ और गौ मां, इन तीनों को लेकर एक बहुत बड़ी क्रांति की शुरुआत हो गई है. मेरा सबसे अनुरोध है की कृपा करके निराशा छोड़ें. हर चीज में नेगेटिव चीज को देखना छोड़े. हर चीज के लिए सरकार का मुँह ताकने के बजाये, कैसे हम अच्छे लोगों का अभिनंदन करें. समाज में कई अपवादी हैं, जिन्होंने बिना किसी सरकारी अनुदान के काम करके दिखा दिया है. इसमें हजारों लाखों उदाहरण उपलब्ध है. यदि हम उनको गांव-शहर मैं ढूंढना शुरू कर दें.
मैं आज दशहरे के पर्व पर सबसे अनुरोध करता हूं कि कृपा करके महिला शक्ति को हर क्षेत्र में आगे आने का मौका दें. कई लोग अभिनंदन योग्य कार्य कर रहे हैं. आईए मिलकर उनके कार्यों को गति दें. क्योंकि अब बात कम काम ज्यादा का समय आ गया है. हमारा काम असरदार, जानदार, स्थाई टिकाऊ, पारदर्शी, स्वाभिमानी हो. मेरी सबको शुभकामनाएं और प्रणाम करते हुए अनुरोध है कृपा करके अपना दिमाग लगाइए, सोचिये, समाज को जागने के साथ क़ाम भी करना पड़ेगा. एक बार फिर से विजयादशमी की बहुत बहुत शुभकामनाएं.