गणेश उत्सव: रिद्धि सिद्धि संग आज पधारेंगे बप्पा

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, भाद्रपद | आज है गणेशोत्सव|

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गणेश चतुर्थी का पावन त्योहार आज 27 अगस्त को पूरे भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा और घरों में उनकी स्थापना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि गणपति बप्पा को घर में विराजित करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शुभता का वास होता है। इस शुभ अवसर पर सही समय पर गणेश स्थापना करना अत्यंत फलदायक होता है।

आज चतुर्थी तिथि 03:44 PM तक उपरांत पंचमी | नक्षत्र चित्रा | शुभ योग 12:34 PM तक, उसके बाद शुक्ल योग | करण विष्टि 03:44 PM तक, बाद बव 04:48 AM तक, बाद बालव | आज राहु काल का समय 12:28 PM – 02:02 PM है | आज 07:21 PM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा |

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – भाद्रपद
  4. अमांत – भाद्रपद

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष चतुर्थी   – Aug 26 01:54 PM – Aug 27 03:44 PM
  2. शुक्ल पक्ष पंचमी   – Aug 27 03:44 PM – Aug 28 05:57 PM

नक्षत्र

  1. चित्रा – Aug 27 06:04 AM – Aug 28 08:43 AM

आज का भगवद् चिन्तन


शुभ श्री गणेश चतुर्थी

दूसरों के जीवन से अमंगलों और कष्टों का हरण करने वाला ही समाज में प्रथम पूज्य एवं वंदनीय बन जाता है। सभी देवों में अग्रपूज्य भगवान गणपति गणेश जी का स्वरूप बड़ा ही अनुपम और अनेक सीखों से भरा है। भगवान गणेश पर हाथी का मस्तक विराजमान है। हाथी सदैव अपने सामने वाली वस्तु को उसके वास्तविक स्वरूप से दुगुना बड़ा देखता है। अर्थात् गणेश भगवान सबको अति सम्मानपूर्ण दृष्टि से देखते हैं।

भगवान गणेश के बड़े-बड़े कान हमें संदेश देते हैं, कि सदैव श्रेष्ठ सुनो। व्यर्थ के वाद-विवाद में अपने अमूल्य समय को नष्ट मत करो। भगवान गणेश को लम्बोदर भी कहा जाता है। अर्थात् जीवन के भले-बुरे, खट्टे-मीठे और अनुकूल-प्रतिकूल सभी बातों को अपने पेट में रखना अथवा उन्हें पचाना सीखो। विशाल देह होने के बाद भी गणेश जी मूषक की सवारी करते हैं। अर्थात् आप कितने भी वैभवशाली क्यों न हो जाओ पर आपके भीतर अहमता का भार शून्य होना चाहिए।

गणेश चतुर्थी पर बन रहे हैं 2 शुभ योग 

आज गणेश चतुर्थी पर शुक्ल योग और शुभ योग एक साथ बन रहे हैं, जो बहुत ही दुर्लभ माना जा रहा है।

  • शुक्ल योग- जो भी लोग इस दिन गणेश जी की पूजा, आरती और उपासना करते हैं, उनके जीवन में शुभता बढ़ती है। घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
  • शुभ योग- यह योग भक्तों के जीवन में शुभ लाभ लाता है। आमदनी में वृद्धि होती है, नुकसान कम होता है और घर में रहने वाले लोग स्वस्थ रहते हैं।

गणेश जी के प्रिय भोग:

  • मोदक – मीठा और नरम होने के कारण गणेश जी को बहुत प्रिय है; चढ़ाने से धन और समृद्धि मिलती है।
  • मोतीचूर के लड्डू – मिठास से भरे और पूरण से युक्त लड्डू गणेश जी को खुश करते हैं; इच्छाएं पूरी होती हैं।
  • पूरन पोली – पारंपरिक मिठा भोग है जो बप्पा को प्रिय है; इसे चढ़ाने से घर में शांति और सुख आता है।
  • खीर – दूध और मेवे से बनी खीर गणेश जी को प्रिय है; अर्पण करने से परिवार में प्रेम और आनंद बढ़ता है।

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