पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
– फाल्गुन कृष्ण पक्ष अमावस्या, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ |आज है भौमवती अमावस्या|
आज अमावस्या तिथि 05:30 PM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र धनिष्ठा 09:16 PM तक उपरांत शतभिषा | परिघ योग 12:28 AM तक, उसके बाद शिव योग | करण नाग 05:31 PM तक, बाद किस्तुघन 05:18 AM तक, बाद बव | आज राहु काल का समय 03:30 PM – 04:55 PM है | आज 09:05 AM तक चन्द्रमा मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा |
दुर्गुणों के कारण जीवन में कुछ घटनाएं लंबा सन्नाटा दे जाती हैं। प्रायश्चित, संताप, अवसाद भी दुर्गुणों के परिणाम हैं। दुर्गुण जब प्रवेश कर रहे होते हैं तो उनमें एक आकर्षण होता है और इसलिए लोग उनमें डूब जाते हैं। लेकिन दुर्गुण अपना परिणाम देने के बाद बड़ा सताते हैं।
हमारे यहां कहा जाता है कि यदि ध्यान बराबर करते रहें तो आत्मा तक की यात्रा कर लेंगे। और एक अंतरात्मा की आवाज होती है, जो हमें दुर्गुणों से बचाती है। इसमें अद्भुत क्षमता होती है। लेकिन इन दिनों क्राइसिस ऑफ कॉन्शंस है। इसलिए हनुमान चालीसा से मेडिटेशन का एक आग्रह सबके जीवन में होना चाहिए।
अगर दुर्गुण जीत गए तो हम और हमारे साथ रहने वाले लोग इसकी बड़ी कीमत चुकाएंगे। हनुमान चालीसा के महापाठ को जन-जन तक पहुंचाइए। क्योंकि हनुमान चालीसा रूपी मंत्र हमें आत्मविश्वास देता है कि हम दुर्गुणों से बचें, गलत काम ना करें
आज का विचार
उस पछतावे के साथ मत जागिये, जिसे आप कल पूरा नहीं कर सके। उस संकल्प के साथ जागिये, जिसे आपको आज पूरा करना है.!!
आज का भगवद् चिंतन
सकारात्मक बनें-प्रसन्न रहें
प्रसन्नता ही जीवन का सौंदर्य है। चित्त की अप्रसन्नता में चेहरे का सौंदर्य कोई मायने नहीं रखता है। सुखमय जीवन के लिए चेहरा सुन्दर हो अथवा न हो लेकिन हृदय में प्रसन्नता अवश्य होनी चाहिए। महत्वपूर्ण ये नहीं कि आप कितने सुंदर हैं अपितु महत्वपूर्ण ये है, कि आप कितने प्रसन्न हैं। प्रसन्नचित्त व्यक्ति सकारात्मकता का भी पर्याय है। व्यक्ति की सोच जितनी सकारात्मक होगी उसका मन उतना ही प्रसन्न भी रहेगा।
सकारात्मक विचारों से ही जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण का निर्माण संभव हो पाता है और सकारात्मक विचार सदैव श्रेष्ठ संग से प्राप्त होते हैं। जिनके पास श्रेष्ठ विचार वाले व्यक्तियों का संग रहा वो पाण्डवों की तरह विपरीत परिस्थितियों में भी प्रसन्नता पूर्वक जी सके। जीवन में सदैव श्रेष्ठ का संग करें ताकि उनसे प्राप्त प्रेरक विचार आपके जीवन परिवर्तन का कारण बन सकें और सुविचारों की महक से पुष्प की तरह आपका जीवन भी प्रसन्न एवं सौंदर्यपूर्ण बन सके।