हिमशिखर खबर धर्म डेस्क
सनातन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाने वाला पितृ पक्ष इस वर्ष आज 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेगा। इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत चंद्र ग्रहण के साथ हो रही है, जबकि इसका समापन सूर्य ग्रहण के विशेष ज्योतिषीय संयोग पर होगा। हर वर्ष भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन मास की अमावस्या तक चलने वाले इस 15 दिवसीय काल को श्राद्ध पक्ष के रूप में जाना जाता है। इस दौरान दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। मान्यता है कि इन कर्मों से पितर तृप्त होकर अपने वंशजों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। वहीं, आज चंद्रग्रहण के कारण सूतक लगने से चार धाम सहित सभी मंदिरों के कपाट दोपहर को बंद हो जाएंगे। आठ सितंबर को सुबह आम दर्शनार्थियों के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
इस बार का पितृ पक्ष बेहद खास रहने वाला है। दशकों बाद ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जब इसकी शुरुआत चंद्र ग्रहण से होगी और समापन सूर्य ग्रहण से। पितृ पक्ष का आरंभ आज 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण के साथ हो रहा है और समापन 21 सितंबर को सूर्य ग्रहण से। हालांकि सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन इसका ज्योतिषीय महत्व बना रहेगा।
भारतीय समयानुसार आज रविवार रात 9:57 बजे से पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। मोक्ष रात 1:27 बजे होगा। चंद्र ग्रहण की अवधि 3:28:02 घंटे की होगी। पूर्ण चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देखा। चंद्र ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा। ग्रहण के दौरान चार धाम सहित सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। इस दौरान देव प्रतिमाओं का स्पर्श वर्जित रहेगा।
क्या है सूतक काल
सूतक काल ग्रहण शुरू होने से पहले का समय होता है, जिसमें पूजा-पाठ, खाना बनाना या शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। ग्रहण से पहले के अशुभ समय को सूतक काल कहा जाता है। धार्मिक और शास्त्रीय दृष्टि से इस काल को महत्वपूर्ण माना जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से नौ घंटे पहले शुरू हो जाता है।
सूतक लगने से पहले कर लें श्राद्ध, तर्पण
पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य किया जाता है। पूर्णिमा तिथि पर उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि पर हुई हो। शास्त्रों में कहा गया है कि चंद्रग्रहण में ग्रहण से पूर्व नौ घंटे पहले सूतक लग जाता है। इसलिए इस बार चंद्रग्रहण का सूतक आज 12:57 पर प्रारंभ हो जाएगा। पूर्णिमा के दिन दोपहर 12:57 बजे से पहले ही श्राद्ध, तर्पण कर लें।