लालकुंआ: लालकुंआ के बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित किए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसको लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और पूर्व सैनिक विराट जनसमूह कार्यक्रम में पहुंचे। वक्ताओं ने कहा कि बिदुखत्ता के लोग दशकों से राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासनके बाद ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस मौके पर पर्वतीय महासभा अध्यक्ष, संयोजक उत्तराखण्ड भारत गठबंधन और पूर्व सांसद प्रत्याशी भारत की लोक जिम्मेदार पार्टी जीवन चंद्र उप्रेती ने कहा कि पूर्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने बिंदुखत्ता को राजस्व गांव को सहमति दी गई थी, लेकिन अब इसे राजस्व गांव घोषित करने में अडंगा लगाया जा रहा है। उन्होंने फारेस्ट विभाग के कब्जे को अनाधिकृत बताया। कहा कि बसावट के इस क्षेत्र को शीघ्र आदर्श सामाजिक व्यवस्था हेतु राजस्व गांव घोषित कर देना चाहिए ताकि जनता का असंतोष विराट आंदोलन में न बदले। जनसमूह ने विंदुखता से तह्सील लालकुआं में राजस्व गांव की मांग रखी।