आज अजा एकादशी : इस कथा का करें पाठ, पाप होंगे नष्ट

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पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, श्रावण |आज है अजा एकादशी|

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वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर अजा एकादशी व्रत किया जाता है। इस बार यह व्रत आज 19 अगस्त को किया जाएगा।

भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 18 अगस्त को शाम 05 बजकर 22 मिनट पर

आज एकादशी तिथि 03:32 PM तक उपरांत द्वादशी | नक्षत्र आद्रा 01:07 AM तक उपरांत पुनर्वसु | वज्र योग 08:29 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग | करण बालव 03:33 PM तक, बाद कौलव 02:43 AM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 03:41 PM – 05:16 PM है | आज चन्द्रमा मिथुन राशि पर संचार करेगा

एकादशी कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, राजा हरिश्चंद्र बेहद सत्यवादी थे। एक बार उनके जीवन में ऐसा समय आया, जब सारा राजपाट चौपट हो गया। बुरी परिस्थिति में पत्नी, पुत्र दूर हो गए। इसके बाद वह एक चांडाल बनाकर अपना जीवन यापन करने लगे। एक बार राजा हरिश्चंद्र बेहद उदास बैठे थे। तभी वहां से गौतम ऋषि गुजर रहे थे। उन्होंने राजा हरिश्चंद्र को देख उनकी उदासी का कारण पूछा।

तब राजा ने अपनी बातें गौतम ऋषि को बताई। ऐसे में गौतम ऋषि ने राजा हरिश्चंद्र को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी व्रत करने की सलाह दी। इसके बाद राजा हरिश्चंद्र ने विधिपूर्वक अजा एकादशी व्रत कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से राजा हरिश्चंद्र को सभी पापों से छुटकारा मिला और फिर से परिवार राज पाट सभी प्राप्त हो गए। मृत्यु के बाद उनको बैकुण्ठ की प्राप्ति हुई।

करें इन चीजों का दान

इस दिन दान करने का विशेष महत्व है। पूजा करने के बाद मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। ऐसा माना जाता है कि अजा एकादशी के दिन दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं और जीवन में किसी भी चीज की कमी नहीं होती है।

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – भाद्रपद
  4. अमांत – श्रावण

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष एकादशी   – Aug 18 05:22 PM – Aug 19 03:32 PM
  2. कृष्ण पक्ष द्वादशी   – Aug 19 03:32 PM – Aug 20 01:58 PM

नक्षत्र

  1. आद्रा – Aug 19 02:06 AM – Aug 20 01:07 AM
  2. पुनर्वसु – Aug 20 01:07 AM – Aug 21 12:27 AM
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