आज का पंचांग: प्रकृति एक पाठशाला

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज त्रयोदशी तिथि 02:28 PM तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 02:01 PM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा | विष्कुम्भ योग 06:42 AM तक, उसके बाद प्रीति योग 05:38 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग | करण तैतिल 02:28 PM तक, बाद गर 02:24 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 02:09 PM – 03:46 PM है | आज 08:11 PM तक चन्द्रमा धनु उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – श्रावण
  4. अमांत – श्रावण

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष त्रयोदशी   – Aug 06 02:08 PM – Aug 07 02:28 PM
  2. शुक्ल पक्ष चतुर्दशी   – Aug 07 02:28 PM – Aug 08 02:12 PM

नक्षत्र

  1. पूर्वाषाढ़ा – Aug 06 12:59 PM – Aug 07 02:01 PM
  2. उत्तराषाढ़ा – Aug 07 02:01 PM – Aug 08 02:28 PM

आज का भगवद् चिन्तन

प्रकृति एक पाठशाला

प्रकृति का कण-कण मनुष्य जीवन को एक प्रेरणा प्रदान करता है। ये संपूर्ण प्रकृति एक पाठशाला ही तो है। बिना प्रेरणा लिए जीवन प्रेरक नहीं बन सकता है। हम दूसरों को प्रेरणा दें उससे पूर्व यह आवश्यक हो जाता है कि हम दूसरों से प्रेरणा लेना भी सीखें। जिसने अपने जीवन में दूसरों से प्रेरणा लेने का प्रयास किया उसका स्वयं का जीवन भी एक दिन समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन जाता है।

प्रेरणा पर्वत से लेनी चाहिए जिसके मार्ग में अनेक आंधी और तूफान आते हैं पर उसके स्वाभिमानी मस्तक को नहीं झुका पाते। प्रेरणा लहरों से लेनी चाहिए जो गिरकर फिर उठ जाती हैं और अपने लक्ष्य तक पहुँचे बिना कहीं रुकती नहीं हैं। प्रेरणा बादलों से लेनी चाहिये जो समुद्र से जल लेते हैं और सूखे रेगिस्तान में बरसा देते हैं। प्रेरणा वृक्षों से लेनी चाहिए, फल लग जाने के बाद जिनकी डालियाँ स्वतः झुक जाया करती हैं।

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