आज का पंचांग : समय का प्रहार

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का विचार

सत्य अपने लिए रखिए, प्रेम दूसरों के लिए रखिए और करुणा सभी के लिए रखिए, यही जीवन का व्याकरण है.!

आज का भगवद् चिंतन
समय का प्रहार

समय और स्थिति सदैव एक जैसी किसी की भी नहीं रहती है इसलिए सदैव दूसरों को कड़वे शब्द कहने और अपमानित करने से बचना चाहिए। व्यक्ति कमजोर अथवा बलवान नहीं होता अपितु समय कमजोर एवं बलवान होता है इसलिए जीवन में स्वयं को बलवान एव दूसरों को कमजोर समझकर कभी भी किसी को त्रास नहीं देना चाहिए। याद रखना कि आप शक्तिसंपन्न हो सकते हैं, लेकिन समय उससे भी शक्तिशाली होता है।

समय की शक्ति को देखना हो तो त्रिलोक विजयी रावण के जीवन में देखो, समय की शक्ति को देखना हो तो महा पराक्रमी वीर सौ भाई कौरवों के जीवन को देखो और समय की शक्ति को देखना हो तो एक बालक द्वारा पटक-पटक कर मारे जाने वाले महा बलशाली कंस के जीवन को देखो। जो भी मनुष्य जीवन में उस प्रभु द्वारा प्रदत्त शारीरिक, बौद्धिक अथवा आर्थिक शक्ति का दुरुपयोग करते हैं उन्हें समय के प्रहारों को भी झेलना पड़ता है।

मन के प्रति सावधान रहिए

हमारे 99 प्रतिशत विचार बेकार के होते हैं। और वे केवल हमारी अशांति को व्यवस्थित कर रहे होते हैं। मिटाते नहीं है बढ़ाते हैं, लेकिन व्यवस्थित ढंग से। इन विचारों में अधिकांश समय दूसरे होते हैं। आते-जाते लोगों को निहारना। जो बीत गया, उन यादों को ताजा करना। भविष्य के प्रति भयभीत होते रहना।

ये काम ये सारे विचार करते हैं, जो व्यर्थ हैं और इनको लाने-ले जाने का काम श्वास के माध्यम से मन करता है। हमारा अच्छा-खासा हितकारी मस्तिष्क भी मन के द्वारा फेंके गए विचारों के गुच्छों से आहत हो जाता है। इसलिए दिमाग के घोड़ों को सही दौड़ाना हो तो इसके लिए मन की लगाम को जमकर कसना होगा। क्योंकि विचार एक आजीवन प्रक्रिया है। इसका शिक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।

आप अशिक्षित हों या बहुत पढ़े-लिखे हों, यह सिलसिला तो जीवन भर चलेगा। इसलिए इस प्रक्रिया को, जो मृत्यु के साथ ही समाप्त होगी- सदैव प्रशिक्षित करते रहिए, तराशते रहिए और मन के प्रति अत्यधिक सावधान रहिए।

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