पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
दिवाली के बाद हम कमाने-धमाने, हानि-लाभ, शुभ-अशुभ के एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। अच्छे संकल्प लीजिए और चल पढ़िए नई यात्रा पर। हमारे देश में बहुत सारे लोग हैं, जो इस नारे को लेकर जीते हैं कि कल से करेंगे। कल किसी का नहीं आया। शुभ को आज से ही किया जाए। आप सद्-संकल्पों के ताजे झोंके पूरे वातावरण में प्रवाहित करिए, यही लक्ष्मी जी की मांग है।
काम-काज की दुनिया में ऐसा कहते हैं कि अपना बेस्ट दीजिए। इसमें थोड़ा संशोधन करें और अपने बेस्ट को लंबे समय तक दीजिए। हमने कुछ लोग देखे हैं, जो थोड़े समय तक ही अपना बेस्ट दे पाते हैं, लेकिन आप लंबे समय तक अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए, उसके लिए एक धैर्य लगता है।
जब भी सुनें, जिसे भी सुनें, ध्यान से सुनिए। इस दौर में जब सभी आक्रामक हो रहे हैं, ऐसे में आपका धैर्य आपकी सफलता की यात्रा में बहुत बड़ा हथियार बन जाएगा।

आज का पंचांग
कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, कार्तिक |आज है अन्नकूट, चंद्र दर्शन और गोवर्धन पूजा|
आज प्रतिपदा तिथि 08:17 PM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र स्वाति 01:51 AM तक उपरांत विशाखा | प्रीति योग 04:05 AM तक, उसके बाद आयुष्मान योग | करण किस्तुघन 07:04 AM तक, बाद बव 08:17 PM तक, बाद बालव | आज राहु काल का समय 12:11 PM – 01:36 PM है | आज चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा |
आज का विचार
अपने जीवन का आनंद लेने के लिए आपको जो सबसे आवश्यक चीज चाहिए वह है- खुश रहना, बस यही मायने रखता है।
आज का भगवद् चिन्तन
शुभ गोवर्धन पूजा
मुख्यतः गौ वंश की सेवा, रक्षा एवं संवर्धन के संदेश को अपने में समाहित करने वाले पावन पर्व का नाम ही गोवर्धन पूजा है। गौमाता की सेवा के बिना हमारा कल्याण नहीं होगा। आज के दिन भगवान श्री कृष्ण को छप्पन भोग और अन्नकूट महोत्सव करने के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि गौ माताओं को भी हरा चारा खिलाया जाए, उन्हें भी भोग लगा कर तृप्त एवं प्रसन्न किया जाये।
श्री बालकृष्ण प्रभु द्वारा सनातन धर्म की आधारभूता गौमाताओं की रक्षार्थ देवराज इंद्र जैसे शक्ति सम्पन्न व्यक्तित्व का विरोध कर गौमाता की रक्षा और सेवा का संदेश संपूर्ण जगत को दिया गया। हम सभी सनातनियों का प्रमुख कर्तव्य है कि यथा सामर्थ्य गौ वंश की सेवा की जाए। आज के इस पावन दिवस में यथा सामर्थ्य गौ सेवा से जुड़कर गोवर्धन पूजा के इस महापर्व को सार्थक बनायें।
आप सभी को गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव की मंगल बधाई ।
