पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। आज मंगलवार का दिन है। यह दिन पूर्ण रूप से भगवान हनुमान को समर्पित है। ऐसा कहा जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें बुद्धि, ज्ञान, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है।प्रदोष व्रत आज शुभ योग में है। आज भौम प्रदोष का व्रत है और शिव पूजन से जीवन में सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और कुंडली में मौजूद सभी ग्रह दोष दूर होते हैं। जो लोग आज व्रत करते हैं, वे प्रदोष काल में शिव पूजन करें।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़ |आज है प्रदोष व्रत, भौम प्रदोष व्रत
आज त्रयोदशी तिथि 12:38 AM तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र ज्येष्ठा 03:15 AM तक उपरांत मूल | शुक्ल योग 10:17 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग | करण कौलव 11:58 AM तक, बाद तैतिल 12:38 AM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 03:00 PM – 04:32 PM है | आज 03:15 AM तक चन्द्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – आषाढ़
- अमांत – आषाढ़
तिथि
- शुक्ल पक्ष त्रयोदशी – Jul 07 11:10 PM – Jul 09 12:38 AM
- शुक्ल पक्ष चतुर्दशी – Jul 09 12:38 AM – Jul 10 01:37 AM
नक्षत्र
- ज्येष्ठा – Jul 08 01:11 AM – Jul 09 03:15 AM
- मूल – Jul 09 03:15 AM – Jul 10 04:49 AM
आज का भगवद् चिंतन
चिंता से दूर रहें
जीवन में केवल चिंता करने मात्र से कठिनाइयाँ हल नहीं हो जाती हैं। चिन्ता हमारे चिंतन की क्षमता को अवरुद्ध कर देती है और यही अवरोध तो हमारे दुःखों का मूल कारण है। वह एक बार नहीं आजीवन चिंता की अग्नि में जलता रहता है। चिंता करने मात्र से आने वाली समस्या का हल तो नहीं होता है लेकिन वर्तमान की शांति अवश्य भंग हो जाती है। चिंताग्रस्त मस्तिष्क गेंहूँ में घुन लगे उस दाने के समान होता है जो बाहर से साबुत दिखते हुए भी अंदर से खोखला हो जाता है।
किसी भी समस्या के आ जाने पर उसके समाधान के लिए विवेकपूर्ण निर्णय ही चिन्तन है। चिन्तनशील व्यक्ति के लिए कोई न कोई मार्ग अवश्य मिल ही जाता है। जिसके पास विवेक है, वह समस्या के आगे से हटता नहीं अपितु डटता है।जीवन में किसी भी समस्या का डटकर मुकाबला करना आधी सफलता प्राप्त कर लेना भी है। जीवन में विवेक की चाबी से समस्या के ताले अवश्य खुल जाते हैं।