आज का पंचांग : जन्म-मृत्यु हमारे हाथ में नहीं

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

भाद्रपद शुक्ल पक्ष नवमी, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, भाद्रपद |

आज नवमी तिथि 02:43 AM तक उपरांत दशमी | नक्षत्र ज्येष्ठा 07:55 PM तक उपरांत मूल | विष्कुम्भ योग 04:31 PM तक, उसके बाद प्रीति योग | करण बालव 01:54 PM तक, बाद कौलव 02:43 AM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 07:46 AM – 09:19 AM है | आज 07:55 PM तक चन्द्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा |

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – भाद्रपद
  4. अमांत – भाद्रपद

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष नवमी   – Sep 01 12:58 AM – Sep 02 02:43 AM
  2. शुक्ल पक्ष दशमी   – Sep 02 02:43 AM – Sep 03 03:53 AM

नक्षत्र

  1. ज्येष्ठा – Aug 31 05:27 PM – Sep 01 07:55 PM
  2. मूल – Sep 01 07:55 PM – Sep 02 09:51 PM

जन्म-मृत्यु हमारे हाथ में नहीं हैं

रामकथा सुनने पर क्या लाभ होते हैं, यह बात रामचरितमानस में अलग-अलग ढंग से आई है। पार्वती जी से कहते हुए ये पंक्तियां आई हैं- मैं जिमि कथा सुनी भव मोचनि। सो प्रसंग सुनु सुमुखि सुलोचनि। मैंने जिस प्रकार वह भव (जन्म-मृत्यु) से छुड़ाने वाली कथा सुनी, हे सुमुखी, सुलोचनी, वह प्रसंग सुनो। यहां गहरी बात है जन्म-मृत्यु से छुड़ाने वाली।

दरअसल, मनुष्य का जन्म और मृत्यु दो ऐसी उलझनें हैं या रहस्य हैं कि अच्छे-अच्छे इसकी थाह नहीं पाते। हम पैदा क्यों हुए, मृत्यु के बाद हमारा क्या होगा, ये बात अनेक ग्रंथों में लिखी है। पर बड़े-बड़े विद्वान, दार्शनिक और महात्मा इसमें उलझ गए। जीवन ऐसा है कि बाहर की दुनिया से एक ट्रिगर दबता है और हमारे भीतर उथल-पुथल शुरू हो जाती है।

जन्म-मृत्यु के मसले पर रामकथा पढ़ें तो समझ आता है ये दोनों हमारे हाथ में नहीं हैं तो भगवान पर भरोसा बढ़ाएं। रामकथा ऐसे प्रसंगों से हमारी मेमोरी-एडिटिंग कर देती है और हम परिपक्व होकर जीने लगते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *