पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष द्वितीया, कालयुक्त संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, श्रावण |
आज द्वितीया तिथि 10:34 AM तक उपरांत तृतीया | नक्षत्र शतभिषा 01:00 PM तक उपरांत पूर्वभाद्रपदा | अतिगण्ड योग 09:33 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग | करण गर 10:34 AM तक, बाद वणिज 09:39 PM तक, बाद विष्टि | आज राहु काल का समय 07:42 AM – 09:18 AM है | आज चन्द्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा
- विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – भाद्रपद
- अमांत – श्रावण
तिथि
- कृष्ण पक्ष द्वितीया – Aug 10 12:10 PM – Aug 11 10:34 AM
- कृष्ण पक्ष तृतीया – Aug 11 10:34 AM – Aug 12 08:41 AM
नक्षत्र
- शतभिषा – Aug 10 01:52 PM – Aug 11 01:00 PM
- पूर्वभाद्रपदा – Aug 11 01:00 PM – Aug 12 11:52 AM
भक्तों को भ्रम और भय नहीं होनी चाहिए
अच्छे-अच्छे समझदार लोगों को भी भ्रम हो जाता है। अर्जुन जैसा व्यक्ति जब भ्रम में आया तो श्रीकृष्ण को उसे गीता सुनानी पड़ी। पार्वती जी ने शिव जी से प्रश्न पूछा कि काकभुशुंडि जी ने गरुड़ जी को क्या सुनाया तो शिव जी ने कहते हैं- सुनहु परम पुनीत इतिहासा, जो सुनि सकल लोक भ्रम नासा। अब वो पवित्र इतिहास सुनो, जिससे सारे लोक के भ्रम का नाश हो जाता है।
यहां लिखा है- ‘भ्रम नासा’। भक्त में दो बातें नहीं होनी चाहिए- भ्रम और भय। लेकिन जब हम दुनियादारी में उतरते हैं तो ऐसी स्थिति आना सामान्य है। ऐसे समय ईश्वर का नाम जप और उनके प्रति भरोसा बनाए रखिए।
आज चूंकि प्रतिस्पर्धा का युग है तो रिजेक्शन का भय बना रहता है, उसे दूर करें। कम्युनिकेशन में उत्साह बनाएं। डिजेक्शन (उदासी) को दूर रखें। तब हम भक्त होंगे। इसलिए शिव जी कह रहे हैं कि ऐसी कथा है रामकथा, जो भ्रम को दूर करती है। जब भी अवसर आए रामकथा को अवश्य सुनिए।