पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है
माघ कृष्ण पक्ष एकादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, पौष | आज है गंगा सागर स्नान, मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी|
आज एकादशी तिथि 05:53 PM तक उपरांत द्वादशी | नक्षत्र अनुराधा 03:03 AM तक उपरांत ज्येष्ठा | गण्ड योग 07:55 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग | करण बालव 05:53 PM तक, बाद कौलव 07:07 AM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 12:35 PM – 01:56 PM है | आज चन्द्रमा वृश्चिक राशि पर संचार करेगा |
श्रीरामचरितमानस
श्रीराम चरन रति —
सबु करि मागहिं एक फलु
राम चरन रति होउ ।
तिन्ह कें मन मंदिर बसहु
सिय रघुनंदन दोउ ।।
( अयोध्याकाण्ड, दो. 129)
बाल्मीकि आश्रम पहुँचने पर बाल्मीकि जी से राम जी के यह पूछने पर कि मैं कहाँ निवास करू , बाल्मीकि जी कहते हैं कि जो आपके राम नाम मंत्र का जाप करते हैं, परिवार सहित आपको पूजते हैं , तर्पण , हवन आदि करते हैं , दान देते हैं , जो गुरू सेवा करते हैं तथा जो इन सब कर्मों का फल आपके चरणों में प्रेम हो मांगते हैं , उनके मन और मंदिर ,दोनों में आप वास करें ।
आज का भगवद् चिन्तन
जीवन में भक्ति
भक्ति हमारे आत्मबल को सशक्त करती है इसलिए भक्तिवान जीवन धैर्यवान जीवन भी बन जाता है। भक्त इसलिए प्रसन्न नहीं रहते कि उनके जीवन में विषमताएं नहीं रहती हैं अपितु इसलिए प्रसन्न रहते हैं कि उनके जीवन में धैर्य रहता है। जिस जीवन में प्रभु की भक्ति नहीं होगी, निश्चित ही उस जीवन में धैर्य भी नहीं पनप सकता है। भक्त के जीवन में किसी भी प्रकार की विषमताओं से निपटने के लिए अपने इष्ट का अपने आराध्य का नाम अथवा विश्वास का बल होता है।
भक्त के जीवन में परिश्रम तो बहुत होता है, लेकिन परिणाम के प्रति कोई आग्रह नहीं होता है। वो इतना अवश्य जानता है कि मेरे हाथ में केवल कर्म है, उसका परिणाम नहीं। विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी यदि कोई हमें प्रसन्नता के साथ जीना सिखाता है तो वो केवल और केवल हमारा धैर्य ही है। भक्ति के बिना जीवन में धैर्य का आना भी संभव नहीं। भक्तिमय जीवन की वाटिका में ही प्रसन्नता के पुष्प खिलते हैं।