आज का पंचांग : हर समस्या का तुरंत समाधान न मिलने पर घबराना नहीं चाहिए

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

एक लोक कथा है। पुराने समय में किसी गांव में एक व्यक्ति जीवन की परेशानियों से बहुत निराश हो गया था। उसे लगता था कि उसकी जिंदगी में समस्याएं कभी खत्म ही नहीं होतीं। वह एक परेशानी हल करता, तभी दूसरी समस्या सामने आ जाती। धीरे-धीरे वह बहुत निराश रहने लगा।

एक दिन उसने सोचा कि गांव के प्रसिद्ध संत से मिलकर सलाह ली जाए। वह संत के पास गया और बोला कि गुरु जी, मैं बहुत परेशान हूं। मेरे जीवन में एक के बाद एक समस्याएं आती रहती हैं। कृपया ऐसा उपाय बताइए कि मेरी सारी परेशानियां खत्म हो जाएं और मेरा मन हमेशा शांत रहे।

संत ने उसकी बात ध्यान से सुनी और बोले कि तुम्हारी समस्या का समाधान मैं तुम्हें कल बताऊंगा, लेकिन आज तुम्हें मेरा एक छोटा सा काम करना होगा।

व्यक्ति तुरंत तैयार हो गया। संत बोले कि आज रात तुम्हें मेरे ऊंटों का ध्यान रखना है। जब सारे ऊंट बैठ जाएं और सो जाएं, तब तुम भी सो जाना।

उस व्यक्ति ने सोचा कि यह तो बहुत आसान काम है। रात में वह ऊंटों की देखभाल करने लगा, लेकिन थोड़ी देर में उसे समझ आ गया कि काम इतना आसान नहीं है।

जब वह एक ऊंट को बैठाता, तभी दूसरा ऊंट खड़ा हो जाता। वह दूसरे को बैठाता तो तीसरा उठ खड़ा होता। पूरे झुंड के सारे ऊंट एक साथ बैठ ही नहीं रहे थे। इसी तरह ऊंटों को संभालते-संभालते पूरी रात निकल गई और उसे सोने का मौका ही नहीं मिला।

अगली सुबह वह थका हुआ संत के पास पहुंचा। संत ने मुस्कुराकर पूछा कि रात में नींद कैसी आई?

व्यक्ति बोला कि गुरु जी, मैं तो पूरी रात सो ही नहीं पाया। आपके ऊंटों ने मुझे बहुत परेशान किया। एक को बैठाता तो दूसरा खड़ा हो जाता। सारे ऊंट एक साथ बैठे ही नहीं।

संत ने शांत स्वर में कहा कि हमारे जीवन की समस्याएं भी इन ऊंटों की तरह ही होती हैं। जब हम एक समस्या हल करते हैं तो दूसरी खड़ी हो जाती है। जीवन में परेशानियां हमेशा आती-जाती रहती हैं।

संत ने शांत स्वर में कहा कि हमारे जीवन की समस्याएं भी इन ऊंटों की तरह ही होती हैं। जब हम एक समस्या हल करते हैं तो दूसरी खड़ी हो जाती है। जीवन में परेशानियां हमेशा आती-जाती रहती हैं।

संत की बातें सुनकर व्यक्ति ने फिर पूछा कि तो फिर हमें क्या करना चाहिए?

संत बोले कि जैसे कुछ ऊंट अपने आप बैठ गए थे, वैसे ही जीवन की कुछ समस्याएं समय के साथ खुद ही खत्म हो जाती हैं। कुछ समस्याओं को हम अपनी कोशिश से हल कर लेते हैं और कुछ ऐसी भी होती हैं जो तुरंत हल नहीं होतीं। ऐसे समय में धैर्य रखना चाहिए और जीवन का आनंद लेना नहीं छोड़ना चाहिए।

निराश व्यक्ति को उस दिन जीवन का एक बड़ा सबक मिल गया। इसके बाद वह व्यक्ति हमेशा प्रसन्न रहने लगा।

प्रसंग की सीख

यह कहानी हमें जीवन को समझने का एक सरल तरीका सिखाती है। समस्याओं से भागने के बजाय हमें उन्हें सही नजरिए से देखना चाहिए।

समस्याओं को जीवन का हिस्सा मानें

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि जीवन में समस्याएं आना बिल्कुल सामान्य बात है। ऐसा कोई इंसान नहीं है जिसकी जिंदगी पूरी तरह परेशानी से मुक्त हो। जब हम यह बात स्वीकार कर लेते हैं तो तनाव थोड़ा कम हो जाता है।

हर समस्या तुरंत हल नहीं होती

कई बार हम चाहते हैं कि हमारी हर परेशानी तुरंत खत्म हो जाए, लेकिन वास्तविकता यह है कि कुछ समस्याओं को समय लगता है। इसलिए हर समस्या का तुरंत समाधान न मिलने पर घबराना नहीं चाहिए।

पञ्चाङ्ग
तिथिचतुर्थी – 07:17 पी एम तकनक्षत्रचित्रा – 11:15 ए एम तक
पञ्चमीस्वाती
योगवृद्धि – 06:52 ए एम तककरणबालव – 07:17 पी एम तक
ध्रुवकौलव – पूर्ण रात्रि तक
वारशनिवार  
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते23फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशितुलानक्षत्र पदचित्रा – 11:15 ए एम तक
सूर्य राशिकुम्भस्वाती – 05:47 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रपूर्व भाद्रपदस्वाती – 12:20 ए एम, मार्च 08 तक
सूर्य नक्षत्र पदपूर्व भाद्रपदस्वाती
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 45 मिनट्स 21 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 13 मिनट्स 34 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:43 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:13 ए एम से 06:02 ए एमप्रातः सन्ध्या05:37 ए एम से 06:51 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:20 पी एम से 01:07 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:34 पी एम से 06:58 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:36 पी एम से 07:49 पी एम
अमृत काल03:53 ए एम, मार्च 08 से 05:38 ए एम, मार्च 08निशिता मुहूर्त12:18 ए एम, मार्च 08 से 01:07 ए एम, मार्च 08
सर्वार्थ सिद्धि योग11:15 ए एम से 06:50 ए एम, मार्च 08 

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