आज का पंचांग : शांति की तलाश के लिए शरीर-शुद्धि पर ध्यान दें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

जिन्हें शांति प्राप्त करनी हो, उन्हें शरीर-शुद्धि पर काम करना होगा। नई पीढ़ी तो शरीर के प्राकृतिक परिवर्तन को अब जान ही नहीं पा रही। शरीर का संचालन मशीन और तकनीक पर सौंप दिया गया है। गीता में पांचवें अध्याय में व्यक्त किया है- नवद्वारे पुरे देही नैव कुर्वन्न कारयन्।

श्रीकृष्ण ने कहा है- नौ द्वारों वाले भौतिक शरीर में भी वे सुखपूर्वक रहते हैं, जो स्वयं को कर्त्ता मानने के विचार से मुक्त होते हैं। ये एक अलग गहरी बात है। पर अभी हमें ये समझना चाहिए, दो आंख, दो कान, नाक के दो छिद्र, मुंह और मल-मूत्र की दो इंद्रियां, ये हमको दुनिया से जोड़ते हैं। यही नौ द्वार हैं। शरीर भी अजीबो-गरीब है।

कुछ वैज्ञानिक कहते हैं मनुष्य के शरीर में सबसे गंदा अंग मुंह है, क्योंकि सबसे ज्यादा बैक्टीरिया वहीं होते हैं। और ऋषि-मुनि कहते हैं कि साध्य के रूप में शरीर दो कौड़ी का है, लेकिन साधन के रूप में महत्वपूर्ण है। और चूंकि इंद्रियां हमारा ध्यान भटकाती हैं, इसलिए हम अशांत होते हैं। अगर शांति की तलाश है तो शरीर-शुद्धि पर बहुत ध्यान दिया जाए। और योग के माध्यम से इन नौ दरवाजों पर चेक पॉइंट लगाए जाएं।

पञ्चाङ्ग
तिथितृतीया – 05:53 पी एम तकनक्षत्रहस्त – 09:29 ए एम तक
चतुर्थीचित्रा
योगगण्ड – 07:06 ए एम तककरणविष्टि – 05:53 पी एम तक
वृद्धिबव – 06:31 ए एम, मार्च 07 तक
वारशुक्रवारबालव
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते22फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिकन्या – 10:18 पी एम तकनक्षत्र पदहस्त – 09:29 ए एम तक
तुलाचित्रा – 03:53 पी एम तक
सूर्य राशिकुम्भचित्रा – 10:18 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रपूर्व भाद्रपदचित्रा – 04:46 ए एम, मार्च 07 तक
सूर्य नक्षत्र पदपूर्व भाद्रपदचित्रा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 43 मिनट्स 43 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 15 मिनट्स 13 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:44 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:13 ए एम से 06:03 ए एमप्रातः सन्ध्या05:38 ए एम से 06:52 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:20 पी एम से 01:07 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:33 पी एम से 06:58 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:35 पी एम से 07:49 पी एम
अमृत काल04:23 ए एम, मार्च 07 से 06:06 ए एम, मार्च 07निशिता मुहूर्त12:19 ए एम, मार्च 07 से 01:08 ए एम, मार्च 07

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