आज का पंचांग : अहिंसा के स्वरूप

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष प्रतिपदा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, कार्तिक |

आज प्रतिपदा तिथि 02:55 PM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र कृत्तिका 03:27 AM तक उपरांत रोहिणी | व्यातीपात योग 07:04 AM तक, उसके बाद वरीयान योग 02:41 AM तक, उसके बाद परिघ योग | करण कौलव 02:55 PM तक, बाद तैतिल 12:59 AM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 01:33 PM – 02:56 PM है | आज 11:47 AM तक चन्द्रमा मेष उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा |

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – मार्गशीर्ष
  4. अमांत – कार्तिक

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष प्रतिपदा   – Nov 05 06:49 PM – Nov 06 02:55 PM
  2. कृष्ण पक्ष द्वितीया   – Nov 06 02:55 PM – Nov 07 11:05 AM

नक्षत्र

  1. कृत्तिका – Nov 06 06:34 AM – Nov 07 03:27 AM
  2. रोहिणी – Nov 07 03:27 AM – Nov 08 12:33 AM

आज का भगवद् चिन्तन
अहिंसा के स्वरूप

स्वयं को श्रेष्ठ और दूसरे को तुच्छ समझकर उसकी अभिव्यक्ति को छीन लेना भी हिंसा का ही एक रूप है। तथापि अभिव्यक्ति का विवेकपूर्ण, नीतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण होना भी आवश्यक है। दूसरों के विचारों का सम्मान करना भी अहिंसा ही है तो दूसरे के विचारों का मर्दन करना भी हिंसा ही समझनी चाहिए। अहिंसा का अर्थ केवल किसी के प्राणों का रक्षण ही नहीं, किसी के प्रण का और किसी के सिद्धांतो का रक्षण करना भी है।

किसी व्यक्ति को अपनी इच्छा का कर्म करने का अधिकार मिले अथवा न मिले लेकिन अपनी इच्छा को व्यक्त करने का अधिकार अवश्य होना चाहिए। अहिंसा का सम्बन्ध किसी के शरीर को आघात पहुँचाने से ही नहीं, किसी के हृदय को आघात पहुँचाने से भी है। किसी की भावना को आहत करना भी बहुत बड़ी हिंसा है।अहिंसा केवल शस्त्र त्याग में ही नहीं, विचार, व्यवहार और वाणी में रखना भी परमावश्यक है।

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