पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, कार्तिक |
आज षष्ठी | नक्षत्र मूल 01:27 PM तक उपरांत पूर्वाषाढ़ा | अतिगण्ड योग 07:26 AM तक, उसके बाद सुकर्मा योग | करण कौलव 07:06 PM तक, बाद तैतिल | आज राहु काल का समय 07:57 AM – 09:22 AM है | आज चन्द्रमा धनु राशि पर संचार करेगा |
आज का विचार
जीवन में शंका और विश्वास दोनों एक साथ नहीं चलते, जहां शंका हो, वहां विश्वास हार जाता है। और जहां विश्वास हो वहां शंका को हारना ही पड़ता है.!!
आज का भगवद् चिन्तन
समय का सदुपयोग
समय का दुरुपयोग जीवन को अनुपयोगी बना देता है। समय को केवल काटना नहीं अपितु जीना भी सीखो क्योंकि समय का सदुपयोग न करना ही जीवन को अनुपयोगी बना देना है। समय काटना अर्थात समय का दुरुपयोग करना और समय को जीना अर्थात समय का सदुपयोग करना है। समय उन लोगों द्वारा ही जिया जाता है जो निरंतर पुरुषार्थ में लगे हुए हैं। जो नये सृजन और सफल होने के लिए निरन्तर कर्म करने में विश्वास रखते हैं।
कालो न यातो वयमेव याताः अर्थात वास्तविकता तो यही है, कि मनुष्य समय नहीं काटता अपितु समय ही क्षण-क्षण और पल-पल उसे काट रहा है। पुरुषार्थ को छोड़कर केवल प्रारब्ध में विश्वास रखने वाले मनुष्य ही समय को जीने की अपेक्षा काटने में लगे रहते हैं। प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करना सीखो ताकि आप अपने जीवन को उन्नति और उत्थान की ओर अग्रसर कर सकें। केवल समय काटने के लिए नहीं अपितु प्रत्येक क्षण का सदुपयोग करते हुए जीना सीखें।