आज का पंचांग : नवरात्रों की मंगल बधाई

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आश्विन |आज है सोमवार व्रत, नवरात्री

आज प्रतिपदा तिथि 02:56 AM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 11:24 AM तक उपरांत हस्त | शुक्ल योग 07:58 PM तक, उसके बाद ब्रह्म योग | करण किस्तुघन 02:07 PM तक, बाद बव 02:56 AM तक, बाद बालव | आज राहु काल का समय 07:49 AM – 09:19 AM है | आज चन्द्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा |

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – आश्विन
  4. अमांत – आश्विन

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष प्रतिपदा   – Sep 22 01:23 AM – Sep 23 02:56 AM
  2. शुक्ल पक्ष द्वितीया   – Sep 23 02:56 AM – Sep 24 04:51 AM

नक्षत्र

  1. उत्तर फाल्गुनी – Sep 21 09:32 AM – Sep 22 11:24 AM
  2. हस्त – Sep 22 11:24 AM – Sep 23 01:40 PM

नवरात्रों की मंगल बधाई

नैराश्य रूपी अंधकार का नाश करते हुए सकारात्मकता रूपी नव ऊर्जा से भरकर जीवन को नवीनता प्रदान करना ही नवरात्रि पर्व का मुख्य संदेश है। जीवन में काम, क्रोध, लोभ, मोह का समावेश ही घनघोर रात्रि के समान है जिसमें प्रायः जीव उचित मार्ग के अभाव में भटकता रहता है।

हमारे शास्त्रों में अज्ञान और विकारों को एक विकराल रात्रि के समान ही बताया गया है। इन दुर्गुण रूपी रात्रि के समन के लिए व जीवन को एक नईं दिशा, नईं उमंग, नया उत्साह देने के साधना काल का नाम ही नवरात्र है। माँ दुर्गा साक्षात ज्ञान का ही स्वरूप है और नवरात्र में माँ दुर्गा की उपासना का अर्थ ही ज्ञान रूपी दीप का प्रज्ज्वलन कर जीवन से अज्ञान के तिमिर का नाश करना है।

नवरात्र प्रथम दिवस में माँ शैलपुत्री की आराधना करते हुए नारी के शक्ति स्वरूप का बोध कराते हुए उन्हें देवी स्वरूप में प्रतिष्ठित कराने के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि की आप सभी को अनंत शुभकामनाएं एवं मंगल बधाई।

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