आज का पंचांग : तन और मन पर सावधानी से काम करना चाहिए

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

श्रावण कृष्ण पक्ष नवमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़

आज नवमी तिथि 02:42 PM तक उपरांत दशमी | नक्षत्र भरणी 12:37 AM तक उपरांत कृत्तिका | शूल योग 12:55 AM तक, उसके बाद गण्ड योग | करण गर 02:42 PM तक, बाद वणिज 01:28 AM तक, बाद विष्टि | आज राहु काल का समय 09:00 AM – 10:30 AM है | आज चन्द्रमा मेष राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, सिदार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – श्रावण
  4. अमांत – आषाढ़

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष नवमी   – Jul 18 05:02 PM – Jul 19 02:42 PM
  2. कृष्ण पक्ष दशमी   – Jul 19 02:42 PM – Jul 20 12:13 PM

नक्षत्र

  1. भरणी – Jul 19 02:14 AM – Jul 20 12:37 AM
  2. कृत्तिका – Jul 20 12:37 AM – Jul 20 10:53 PM

तन और मन पर सावधानी से काम करना चाहिए

अपने व्यक्तित्व को दो भागों में बांटें तन का हिस्सा और मन का भाग। तकनीकी विशेषज्ञता, व्यावसायिक कौशल, लीडरशिप की क्वालिटी- ये सब शरीर से जुड़े मामले हैं। जो भी सफल होना चाहता है, उसको ये बातें जीवन में उतारनी पड़ती हैं। जब शरीर इन बातों को लेकर सक्रिय होता है, तो उसको थकान आती है। और शरीर की थकान विश्राम से दूर होती है।

इसी तरह से मन भी सक्रिय होता है। और जब मन अत्यधिक सक्रिय हो जाए तो परिणाम में उदासी आती है, जिसे ध्यान से दूर करना पड़ता है। जो लोग अपने व्यक्तित्व को इन दो भागों में बांटेंगे, उनके लिए सफलता अर्जित करना आसान होगा। और जितनी वे सफलता प्राप्त करेंगे, उतनी ही उनके जीवन में शांति उतरेगी।

अभी इन दोनों बातों का औसत बिगड़ जाता है, इसलिए कामयाब लोग बेचैन पाए जाते हैं। तन पर बाहर से उतना नुकसान नहीं होता, जितना आपका ही मन तन को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए तन और मन को अलग-अलग रखते हुए बड़ी सावधानी से काम करना चाहिए।

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