आज का पंचांग :नियमित दिनचर्या सफलता, सुख की कुंजी है

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

माघ शुक्ल पक्ष तृतीया, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ |

आज तृतीया तिथि 02:47 AM तक उपरांत चतुर्थी | नक्षत्र धनिष्ठा 01:58 PM तक उपरांत शतभिषा | व्यातीपात योग 06:58 PM तक, उसके बाद वरीयान योग | करण तैतिल 02:48 PM तक, बाद गर 02:47 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 12:38 PM – 01:59 PM है | आज चन्द्रमा कुंभ राशि पर संचार करेगा |

आज का विचार

शरीर की हिफाजत धन से भी अधिक करनी चाहिए। क्योकि शरीर बिगडने के बाद धन भी उसकी हिफाजत नही कर सकता है.

हम मनुष्यों के पास ऊर्जा के पांच स्रोत होते हैं। परमात्मा, मां, पिता, गुरु- ये चार सदैव कृपा बरसाते ही रहते हैं। हमारी योग्यता हो या ना हो, पर ये चारों वन-वे ट्रैफिक की तरह कृपावंत बने रहते हैं। इनकी बरसती कृपा का भी हम सदुपयोग ना कर पाएं, यह हमारा दुर्भाग्य है।

अब पांचवां स्रोत है- हमारी दिनचर्या। इन दिनों इसे लेकर अत्यधिक गंभीर होना ही पड़ेगा। हमारे पास जीविका के जो साधन आजकल उपलब्ध हैं, उन्होंने सबसे ज्यादा प्रहार हमारी दिनचर्या पर किया है। अब किसी एक को क्या दुश्मन मानें। सबसे पहला दुश्मन लोगों को मोबाइल ही दिखता है।

बेचारा मित्र बन कर आया और शत्रु होकर रह गया। अब इसमें डिजिटल माध्यम का उतना दोष नहीं है, जितना हमारे विवेक का है। अपनी दिनचर्या को प्रकृति की क्लॉक से जोड़िए। ज्यादातर लोगों का बॉडी क्लॉक, प्रकृति के समयचक्र से विपरीत हो गया है। इसलिए हमारी दिनचर्या सुविधा का नहीं, संकल्प का विषय होना चाहिए। नियमित दिनचर्या सफलता, स्वास्थ्य और सुख की कुंजी है।

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