पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।
बेचैनी से मनुष्य बहुत पहले से परेशान रहा है। और अब, एंग्जायटी उसके माथे पर चढ़कर नाच रही है। परीक्षाओं में, सम्बंधों के निर्वहन में, जॉब ढूंढने और बचाने में, खाने-पीने में- लम्बे समय से एंग्जायटी देखी जा रही है। लेकिन अब एक नई बेचैनी खासतौर पर प्रोफेशनल्स के जीवन में देखने को मिल रही है, और वह है एआई की एंग्जायटी।
इसको लेकर अधिकांश प्रोफेशनल्स बेचैन हैं। जिन्होंने अपनी जिंदगी टेक्नोलॉजी में लगा दी, अब उन्हें लग रहा है कि कंटेंट हो या कोडिंग, एआई मनुष्य के मस्तिष्क को पी जाएगा और हमने जो मेहनत की है, वो पानी में बह जाएगी।
ये ऐसा ही है कि दस साल कोई डॉक्टरी पढ़ता है और जब वह मरीज को पर्चा लिखता है तो मरीज पहले गूगल पर उस दवाई के बारे में पढ़ लेते हैं और फिर तय करते हैं कि खाएं या ना खाएं। तो आपने एक बटन दबाकर उसकी परीक्षा ले ली। ऐसे में अपने डेटा को सिक्योर करें। चिंतन और विचार चार जगह ठीक से बांटें- मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार में। तो शायद आप बेचैनी से बचेंगे।
पञ्चाङ्ग
| तिथि | पञ्चमी – 11:09 ए एम तक | नक्षत्र | अश्विनी – 05:54 पी एम तक |
|---|---|---|---|
| षष्ठी | भरणी | ||
| योग | शुक्ल – 01:09 पी एम तक | करण | बालव – 11:09 ए एम तक |
| ब्रह्म | कौलव – 10:10 पी एम तक | ||
| वार | रविवार | तैतिल | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
| विक्रम सम्वत | 2082 कालयुक्त | बृहस्पति संवत्सर | कालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक |
|---|---|---|---|
| शक सम्वत | 1947 विश्वावसु | सिद्धार्थी | |
| गुजराती सम्वत | 2082 पिङ्गल | चन्द्रमास | फाल्गुन – पूर्णिमान्त |
| प्रविष्टे/गते | 10 | फाल्गुन – अमान्त |
राशि तथा नक्षत्र
| चन्द्र राशि | मेष | नक्षत्र पद | अश्विनी – 12:13 पी एम तक |
|---|---|---|---|
| सूर्य राशि | कुम्भ | अश्विनी – 05:54 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र | शतभिषा | भरणी – 11:35 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र पद | शतभिषा – 02:01 ए एम, फरवरी 23 तक | भरणी – 05:15 ए एम, फरवरी 23 तक | |
| शतभिषा | भरणी |
ऋतु तथा अयन
| द्रिक ऋतु | वसन्त | दिनमान | 11 घण्टे 24 मिनट्स 25 सेकण्ड्स |
|---|---|---|---|
| वैदिक ऋतु | शिशिर | रात्रिमान | 12 घण्टे 34 मिनट्स 38 सेकण्ड्स |
| द्रिक अयन | उत्तरायण | मध्याह्न | 12:46 पी एम |
| वैदिक अयन | उत्तरायण |
शुभ समय
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:23 ए एम से 06:13 ए एम | प्रातः सन्ध्या | 05:48 ए एम से 07:04 ए एम |
|---|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:23 पी एम से 01:09 पी एम | विजय मुहूर्त | 02:40 पी एम से 03:25 पी एम |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:26 पी एम से 06:51 पी एम | सायाह्न सन्ध्या | 06:28 पी एम से 07:43 पी एम |
| अमृत काल | 11:04 ए एम से 12:35 पी एम | निशिता मुहूर्त | 12:20 ए एम, फरवरी 23 से 01:10 ए एम, फरवरी 23 |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 07:04 ए एम से 05:54 पी एम | रवि योग | 05:54 पी एम से 07:03 ए एम, फरवरी 23 |