आज का पंचांग : संकल्प से समाधान

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

फाल्गुन कृष्ण पक्ष द्वितीया, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ |

आज द्वितीया तिथि 12:40 AM तक उपरांत तृतीया | नक्षत्र मघा 10:10 PM तक उपरांत पूर्व फाल्गुनी | शोभन योग 02:38 AM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग | करण तैतिल 01:12 PM तक, बाद गर 12:41 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 03:25 PM – 04:48 PM है | आज चन्द्रमा सिंह राशि पर संचार करेगा |

दुनिया में जब भी उड़ान की बात आएगी, हनुमान जी याद आएंगे। निर्दोष, समयबद्ध, सफलता के साथ उड़ने की कला जैसी हनुमान जी के पास है, वैसी किसी के पास नहीं। उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण उड़ान उड़ी थी लंका की ओर। जितनी सफलता से गए थे, उतनी सफलता से लौटे।

इसकी कहानी रामायण के सुंदरकांड में है। हनुमान जी को उड़ता देख रावण बहुत चिंतित हुआ था। हनुमान जी की उड़ानों में सबसे ज्यादा परेशान करने वाली वो थी, जिसमें वे मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए औषधि लाए। बाधाएं हनुमान जी को उड़ते समय हर बार आईं, लेकिन उनका कभी ऑपरेशनल ब्रेकडाउन नहीं हुआ।

आसमान में उड़ान भरते समय गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचने के अलावा जान का जोखिम, अस्तित्व की रक्षा, प्रतिस्पर्धा का भी बड़ा खतरा रहता है। जो लोग उड़ान के प्रति लापरवाह हैं, वो कीमत बड़ी चुकाएंगे। हमारी युवा पीढ़ी अब चलने, दौड़ने से ऊपर निकल चुकी है। अब उड़ान ही भरनी है। यदि हनुमान जी से जुड़े रहें तो शानदार उड़ान भर सकेंगे।

आज का विचार

किसी की सलाह से रास्ते जरूर मिलते हैं पर मंजिल तो ख़ुद की मेहनत से ही मिलती है.!!

आज का भगवद् चिन्तन
संकल्प से समाधान

जीवन की किसी भी समस्या का समाधान भागने से नहीं अपितु संकल्प पूर्वक उसका सामना करने से ही निकलने वाला है। दुनिया का कोई भी लक्ष्य व्यक्ति के संकल्प से बड़ा नहीं होता है। जीवन में सदैव अनुकूलता बनी रहना संभव ही नहीं इसलिए प्रतिकूलताओं को अनुकूलता में बदलने वाले ही जीवन का वास्तविक आनंद उठा पाते हैं। प्रतिकूलताएं हमारे मार्ग में उतनी बाधक नहीं बनती हैं, जितना हम स्वयं के मार्ग में बाधा उपस्थित करते हैं।

जीवन है तो समस्याएं तो अवश्य आयेंगी क्योंकि प्रति क्षण परिवर्तन ही जीवन का स्वभाव है। समस्या उपस्थित होने से पहले ही उससे भयभीत होना मनुष्य को विवेकशून्य बनाकर उसके निर्णय लेने की क्षमता को बाधित कर देता है। प्रसन्नतापूर्वक प्रत्येक स्थिति का सामना करना सीखिए। समाधान हमारे ही पास है, बस हौसला बनाये रखना होगा। जीवन में एक बात सदैव याद रखना कि समस्या मुकरने से नहीं, मुकाबला करने से ही दूर होगी।

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