आज का पंचांग : भोजन और नींद जैसी गम्भीरता सुनने में भी रखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

संगीत सुनना भी एक प्रशिक्षण है, जो हमें शरीर से आगे बढ़कर आत्मा से जोड़ने के काम आता है। हमारे ऋषि-मुनियों ने नवधा भक्ति में श्रवण को भी एक भक्ति बताया है। क्योंकि वो जानते हैं सुनने से बहुत कुछ बदल सकता है।

अब सवाल यह कि क्या सुना जाए और कैसे सुना जाए। भजन, गीत, गजल, केवल इन्स्ट्रूमेंटल भी सुना जा सकता है। भोजन, नींद जैसी ही गम्भीरता श्रवण को लेकर की जाए। यदि आप ऊटपटांग सुन रहे हैं तो मानकर चलिए इसका असर सेहत पर पड़ेगा।

सुनने की भी समय-सीमा रखिए। लगातार किसी बात को सुनना अच्छे लक्षण नहीं हैं। थोड़ी-थोड़ी देर रुककर खुद से पूछें कि जो सुन रहे हैं, कैसा लग रहा है। इसलिए जिन्हें शांति की तलाश हो, वो अपने श्रवण समय पर भी ध्यान दें। कुछ न कुछ अच्छा सुनें। इसका अभ्यास बनाएं।

सुनने का एक और फायदा है। जब आप कुछ अच्छा सुनते हैं तो अच्छा बोलने भी लगते हैं। और किसी के भी अच्छे बोल किसी को अच्छे क्यों ना लगेंगे? इसलिए श्रवण को लेकर अत्यधिक गंभीर रहें और कुछ ना कुछ अच्छा सदैव सनते रहें।

आज का पंचांग

आश्विन कृष्ण पक्ष द्वादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, भाद्रपद |

आज द्वादशी तिथि 11:24 PM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र पुष्य 06:32 AM तक उपरांत आश्लेषा | शिव योग 09:37 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग | करण कौलव 11:29 AM तक, बाद तैतिल 11:25 PM तक, बाद गर | आज राहु काल का समय 01:51 PM – 03:22 PM है | आज चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा |

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – आश्विन
  4. अमांत – भाद्रपद

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष द्वादशी   – Sep 17 11:39 PM – Sep 18 11:24 PM
  2. कृष्ण पक्ष त्रयोदशी   – Sep 18 11:24 PM – Sep 19 11:37 PM

नक्षत्र

  1. पुष्य – Sep 17 06:26 AM – Sep 18 06:32 AM
  2. श्लेषा – Sep 18 06:32 AM – Sep 19 07:05 AM

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