आज का पंचांग : जीना जिसे आ गया, वही है सच्चा कलाकार

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

जीना जिसे आ गया, वही है सच्चा कलाकार

मानव जीवन एक बहुमूल्य निधि है। यह हम सबका सौभाग्य है कि जो सुअवसर सृष्टि के किसी भी प्राणी को न मिला, वह हमें प्राप्त हुआ व हम मानव काया के रूप में जन्मे । यह अनुपम अवसर कुत्साओं की कीचड़, कुण्ठाओं की दलदल में पड़े रह कर नारकीय यातनाएँ सहन करते हुए मौत के दिन किसी तरह गिनने के लिए नहीं मिला है, वरन् इसलिए है कि हम परमेश्वर की इस श्रेष्ठ संरचना, दुनिया के सौंदर्य का रसास्वादन करते हुए निज को धन्य बनाएँ और इस तरह जियें जिसमें पुष्प जैसी मृदुलता, चन्दन जैसी सुगन्ध और दीपक जैसी रोशनी भरी पड़ी हो ।

जीवन को सही ढंग से जीना एक कला है, एक कौशल है। जिसे ठीक तरह जीना आ गया वह इस धरती का सम्मानित कलाकार है। जो भी साधन सामग्री उपलब्ध हैं, उनका उत्कृष्टतम उपयोग करते हुए जी सकना, यही तो कौशल की कसौटी है। साधनों की कमी व अवरोधों की चर्चा करके जो प्रस्तुत उपलब्धियों की महत्ता कम करता है व यह कहता है कि यदि मुझे अमुक साधन मिले होते तो मैं अमुक कर्तृत्व प्रस्तुत करता, उसे आत्म प्रवंचना में निरत एक असफल खिलाड़ी मानना चाहिए । जीवन-कला जिसे आती है, वह कलाकार अपने पास के स्वल्प साधनों से ही महान अभिव्यंजना प्रस्तुत करते रहे हैं। जिसे जीना आ गया उसे सब कुछ आ गया । वही सच्चा शिल्पी है, जीवन रूपी खेल का श्रेष्ठतम खिलाड़ी है, यह माना जाना चाहिए ।

पञ्चाङ्ग
तिथिएकादशी – 10:32 पी एम तकनक्षत्रआर्द्रा – 10:48 ए एम तक
द्वादशीपुनर्वसु
योगआयुष्मान् – 07:44 पी एम तककरणवणिज – 11:31 ए एम तक
सौभाग्यविष्टि – 10:32 पी एम तक
वारशुक्रवारबव
पक्षशुक्ल पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासफाल्गुन – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते15फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमिथुन – 03:52 ए एम, फरवरी 28 तकनक्षत्र पदआर्द्रा – 10:48 ए एम तक
कर्कपुनर्वसु – 04:29 पी एम तक
सूर्य राशिकुम्भपुनर्वसु – 10:10 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रशतभिषापुनर्वसु – 03:52 ए एम, फरवरी 28 तक
सूर्य नक्षत्र पदशतभिषापुनर्वसु
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 32 मिनट्स 22 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 26 मिनट्स 38 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:45 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:19 ए एम से 06:09 ए एमप्रातः सन्ध्या05:44 ए एम से 06:59 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:22 पी एम से 01:08 पी एमविजय मुहूर्त02:40 पी एम से 03:27 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:29 पी एम से 06:54 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:31 पी एम से 07:46 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग10:48 ए एम से 06:58 ए एम, फरवरी 28निशिता मुहूर्त12:20 ए एम, फरवरी 28 से 01:09 ए एम, फरवरी 28
  रवि योग06:59 ए एम से 10:48 ए एम

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