आज का पंचांग : मन के मामले में प्रतिपल सावधान रहने की जरूरत है

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

हमें अपनी आत्मा पर दो बार काम करना चाहिए- सोने के पहले, उठने के बाद। फिर शरीर पर चार बार काम करना चाहिए- स्नान, पूजन, भोजन, शयन के समय। लेकिन मन पर प्रतिपल काम करना पड़ेगा। मन का मामला ऐसा है कि आपने जरा-सा मौका दिया तो मन काम दिखा जाएगा। सवाल उठता है मन पर प्रतिपल किन बातों का काम किया जाए।

पहला, मौन साधने से मन नियंत्रित होता है। दूसरा, क्षमा का स्वभाव रखें। तीसरा, व्यवहार में धैर्य रखें। और चौथा, गंदे विचारों को तुरंत रोकें। मन की गड़बड़ का प्रभाव शरीर पर पड़ता है। शरीर जब बीमार होता है तो डॉक्टर की औषधि, मन का संयम और शरीर की सावधानी- इससे आप ठीक हो जाएंगे। लेकिन मन के प्रभाव से बीमार हुए तो इलाज आप ही को करना पड़ेगा।

शरीर एडजस्ट हो जाता है, मन के लिए बहुत स्ट्रिक्ट होना पड़ता है और आत्मा पर जाकर आप रिलेक्स होते हैं। इसलिए मन के मामले में प्रतिपल सावधान रहें। क्योंकि मन जो भीतर करता है, ये बाहर किसी को पता नहीं लगने देता।

पञ्चाङ्ग
तिथिषष्ठी – 11:27 पी एम तकनक्षत्रविशाखा – 04:11 पी एम तक
सप्तमीअनुराधा
योगव्याघात – 07:36 ए एम तककरणगर – 10:16 ए एम तक
हर्षणवणिज – 11:27 पी एम तक
वारसोमवारविष्टि
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर
विक्रम सम्वत2082 कालयुक्तबृहस्पति संवत्सरकालयुक्त – 03:07 पी एम, अप्रैल 25, 2025 तक
शक सम्वत1947 विश्वावसुसिद्धार्थी
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासचैत्र – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते25फाल्गुन – अमान्त
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशितुला – 09:29 ए एम तकनक्षत्र पदविशाखा – 09:29 ए एम तक
वृश्चिकविशाखा – 04:11 पी एम तक
सूर्य राशिकुम्भअनुराधा – 10:54 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रपूर्व भाद्रपदअनुराधा – 05:37 ए एम, मार्च 10 तक
सूर्य नक्षत्र पदपूर्व भाद्रपदअनुराधा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान11 घण्टे 48 मिनट्स 38 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुशिशिररात्रिमान12 घण्टे 10 मिनट्स 16 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:43 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त05:11 ए एम से 06:00 ए एमप्रातः सन्ध्या05:35 ए एम से 06:49 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:19 पी एम से 01:06 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:28 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:35 पी एम से 06:59 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:37 पी एम से 07:50 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योग04:11 पी एम से 06:47 ए एम, मार्च 10निशिता मुहूर्त12:18 ए एम, मार्च 10 से 01:07 ए एम, मार्च 10
  रवि योग04:11 पी एम से 06:47 ए एम, मार्च 10

आज का विचार

दूध से भरे मिट्टी के पात्र का दर्जा विष से भरे स्वर्णपात्र से कई गुना ऊंचा होता है। उसी प्रकार मनुष्य की बाहरी सुंदरता से अधिक भीतरी संस्कारों का मूल्य अधिक होता है.!

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