आज का पंचांग : अच्छाई की जीत

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज चतुर्थी तिथि 09:14 AM तक उपरांत पंचमी | नक्षत्र आश्लेषा 06:34 AM तक उपरांत मघा | वज्र योग 05:58 PM तक, उसके बाद सिद्धि योग | करण विष्टि 09:15 AM तक, बाद बव 09:13 PM तक, बाद बालव | आज राहु काल का समय 05:31 PM – 07:12 PM है | आज 06:34 AM तक चन्द्रमा कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, कालयुक्त
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – आषाढ़
  4. अमांत – आषाढ़

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष चतुर्थी   – Jun 28 09:54 AM – Jun 29 09:14 AM
  2. शुक्ल पक्ष पंचमी   – Jun 29 09:14 AM – Jun 30 09:24 AM

नक्षत्र

  1. आश्लेषा – Jun 28 06:35 AM – Jun 29 06:34 AM
  2. मघा – Jun 29 06:34 AM – Jun 30 07:20 AM

करण

  1. विष्टि – Jun 28 09:28 PM – Jun 29 09:15 AM
  2. बव – Jun 29 09:15 AM – Jun 29 09:13 PM
  3. बालव – Jun 29 09:13 PM – Jun 30 09:24 AM

योग

  1. वज्र – Jun 28 07:15 PM – Jun 29 05:58 PM
  2. सिद्धि – Jun 29 05:58 PM – Jun 30 05:20 PM

वार

  1. रविवार

सूर्य और चंद्रमा का समय

  1. सूर्योदय – 5:48 AM
  2. सूर्यास्त – 7:12 PM
  3. चन्द्रोदय – Jun 29 9:26 AM
  4. चन्द्रास्त – Jun 29 10:36 PM

अशुभ काल

  1. राहू – 4:31 PM – 6:12 PM
  2. यम गण्ड – 12:30 PM – 2:10 PM
  3. कुलिक – 3:51 PM – 5:31 PM
  4. दुर्मुहूर्त – 05:25 PM – 06:18 PM
  5. वर्ज्यम् – 06:57 PM – 08:36 PM

शुभ काल

  1. अभिजीत मुहूर्त – 12:03 PM – 12:57 PM
  2. अमृत काल – 04:57 AM – 06:33 AM, 04:51 AM – 06:30 AM
  3. ब्रह्म मुहूर्त – 04:12 AM – 05:00 AM

आनन्दादि योग

  1. वज्र Upto – 06:34 AM
  2. मुद्गर

सूर्या राशि

  1. सूर्य मिथुन राशि पर है

चंद्र राशि

  1. चन्द्रमा जून 29, 06:34 AM तक कर्क राशि उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा

चन्द्र मास

  1. अमांत – आषाढ़
  2. पूर्णिमांत – आषाढ़
  3. शक संवत (राष्ट्रीय कलैण्डर) – आषाढ़ 8, 1947
  4. वैदिक ऋतु – ग्रीष्म
  5. द्रिक ऋतु – वर्षा

Chandrashtama

  1. 1. Moola , Purva Ashadha , Uttara Ashadha First 1 padam

आज का विचार

एक मुर्ख व्यक्ति के जीवन में किताबे उतनी ही ज़रूरी होती हैं, जितना के एक अंधे व्यक्ति के लिए आईना.!!.

आज का भगवद् चिंतन
अच्छाई की जीत

बुराई ही जीवन के विध्वंस का मूल है। किसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अनीति पूर्वक किए जाने वाले प्रयास ही जीवन में बुराइयों का प्रवेश कराते हैं। बुराई वो तलवार है जो एक फल की चाह में पूरे वृक्ष को ही काट डालती है। बुराई जीतकर भी सदैव अंत में हार जाती है और अच्छाई आज हारती हुई दिखाई देने पर भी अंत में विजय अवश्य प्राप्त करती है।

संयम एवं सदाचार का आश्रय ही किसी के जीवन में अच्छाई का प्रवेश कराके उसकी विजय सुनिश्चित करते हैं। अच्छाई एक शांत नदी की तरह होती है, जो न केवल प्यास बुझाती है अपितु जीवन के सृजन में मूल तत्व की भूमिका का निर्वाह भी करती है। निश्चित ही जीवन में अच्छाई होगी तो वह एक दिन सृजन का रूप अवश्य ले लेगी।अच्छाई ही वो सीढ़ी है जो आपको किसी के हृदय तक पहुँचा देती है। अच्छाई में जीवन जीना, सच्चाई में जीवन जीना ही है।

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