
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

श्रीराम के समझाने का तरीका बिल्कुल अलग है। जब उन्हें कोई गहरी बात किसी को कहनी हो, तो राम अत्यधिक विनम्र हो जाते हैं। यहां भी हाथ जोड़कर भरत से कह रहे हैं, ‘औरउ एक गुपुत मत सबहि कहउं कर जोरि। संकर भजन बिना नर भगति न पावइ मोरि।’ ‘और भी एक गुप्त मत है, मैं उसे सबसे हाथ जोड़कर कहता हूं कि शंकर जी के भजन बिना मनुष्य मेरी भक्ति नहीं पाता।’
श्रीराम जी ने अपनी लीला में शिव जी को कई बार अलग-अलग ढंग से अत्यधिक सम्मान देते हुए स्मरण किया है और शिव जी ने राम जी को याद किया है। शिव कल्याण का प्रतीक हैं। उनकी पहचान उनका भोलापन है और राम की पहचान उनकी सरलता है।
शिव रीक्रिएशन हैं। उन्हें केवल विध्वंस करने वाला देवता न समझा जाए। राम अभाव में भी आनंद कैसे ढूंढा जाता है, इसका प्रतीक हैं। शिव इच्छा पूर्ति करते हैं और राम इच्छाशक्ति को समझाते हैं। राम ने अपने वनवास की लीला में हम सबको ये कहा है कि देखो विपरीत समय जीवन में आए तो भी जीवन की ऊंचाइयां छुई जा सकती हैं।
भाद्रपद शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, भाद्रपद
आज प्रतिपदा तिथि 11:48 AM तक उपरांत द्वितीया | नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 02:05 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी | शिव योग 12:29 PM तक, उसके बाद सिद्ध योग | करण बव 11:48 AM तक, बाद बालव 12:07 AM तक, बाद कौलव | आज राहु काल का समय 05:13 PM – 06:48 PM है | आज चन्द्रमा सिंह राशि पर संचार करेगा |
- विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
- शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
- पूर्णिमांत – भाद्रपद
- अमांत – भाद्रपद
तिथि
- शुक्ल पक्ष प्रतिपदा – Aug 23 11:36 AM – Aug 24 11:48 AM
- शुक्ल पक्ष द्वितीया – Aug 24 11:48 AM – Aug 25 12:35 PM
नक्षत्र
- पूर्व फाल्गुनी – Aug 24 12:54 AM – Aug 25 02:05 AM
- उत्तर फाल्गुनी – Aug 25 02:05 AM – Aug 26 03:49