
हिमशिखर धर्म डेस्क
आज शुक्रवार को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। है। इस दिन गणेश जी, चौथ माता के साथ ही सूर्य की भी विशेष पूजा जरूर करें। करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं अपने जीवन साथी के लिए दिनभर निर्जला व्रत करती हैं। शाम को चंद्र उदय के बाद चंद्रदेव की पूजा करने के बाद ये व्रत पूरा होता है।
ये है करवा चौथ का संदेश
करवा चौथ का संदेश यही है कि पति-पत्नी को एक-दूसरे के सुख और स्वास्थ्य के लिए खुद के सुख का त्याग करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। जब पति-पत्नी एक-दूसरे के लिए त्याग करते हैं तो उनके बीच प्रेम बना रहता है। आमतौर पर करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति के सुखी जीवन, सौभाग्य, लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए दिनभर निर्जला व्रत करती हैं यानी इस दिन महिलाएं अन्न के साथ पानी का भी त्याग करती हैं। जीवन साथी के लिए भक्ति और पूजा-पाठ करती हैं। ऐसे ही त्याग की वजह से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
जानिए कब निकलेगा चांद
आज पूरे देश में सुहागिन महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख रही हैं और अब चंद्र दर्शन का इंतजार कर रही हैं, क्योंकि व्रत का समापन चांद देखने के बाद ही होता है। करवा चौथ के दिन अक्सर बादलों के कारण चांद के दर्शन देर से होते हैं, जिससे महिलाएं आसमान की ओर टकटकी लगाए रहती हैं। आइये जानते हैं कब निकलेगा चांद।
| शहर | चांद निकलने का समय |
| दिल्ली | रात 8 बजकर 24 मिनट |
| गाजियाबाद | रात 8 बजकर 22 मिनट |
| लखनऊ | रात रात 8 बजकर 20 मिनट |
| नोएडा | रात 8 बजकर 24 मिनट |
| मेरठ | रात 8 बजकर 21 मिनट |
| बैंगलुरु | रात 9 बजकर 10 मिनट |
| पटना | रात 8 बजकर 5 मिनट पर |
| मुंबई | रात 9 बजकर 15 मिनट पर |
| हरिद्वार | रात 8 बजकर 17 मिनट |
| गुरुग्राम | रात 8 बजकर 30 मिनट |
| रोहतक | रात 8 बजकर 28 मिनट |
| फरीदाबाद | रात 8 बजकर 24 मिनट |
| सोनीपत | रात 8 बजकर 26 मिनट |
| हिसार | रात 8 बजकर 29 मिनट |
| रेवाड़ी | रात 8 बजकर 28 मिनट |
| वाराणसी | रात 8 बजकर 10 मिनट |
| लुधियाना | रात 8 बजकर 23 मिनट |
| देहरादून | रात में 8 बजकर 16 मिनट |
| बीकानेर | रात 8 बजकर 42 मिनट |
| बठिंड़ा | रात में 8 बजकर 29 मिनट |
| अलवर | रात 8 बजकर 30 मिनट |
| हिसार | रात 8 बजकर 29 मिनट |
| धर्मशाला | रात में 8 बजकर 15 मिनट |
| जयपुर | रात में 8 बजकर 35 |
करवा चौथ के दिन शुभ चौघड़िया मुहूर्त
लाभ (उन्नति) – प्रातः 07:46 से प्रातः 09:13
अमृत (सर्वोत्तम) -प्रातः 09:13 से प्रातः 10:41
शुभ (उत्तम) – दोपहर 12:08 से दोपहर 01:35
लाभ (उन्नति) – रात्रि 09:02 से रात्रि 10:35
करवा चौथ पर कर सकते हैं ये शुभ काम
चतुर्थी तिथि पर गणेश जी के लिए व्रत-उपवास करने की परंपरा है। सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल भरें, फूल और चावल डालें। इसके बाद ये जल सूर्य को चढ़ाएं। जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप करना चाहिए।
चतुर्थी पर गणेश जी का अभिषेक करना चाहिए। गणेश जी को वस्त्र चढ़ाएं। हार-फूल से श्रृंगार करें। लड्डू और मोदक का भोग लगाएं। दूर्वा की 21 गांठ चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं। ऊँ गं गणपतयै नम: मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
किसी गौशाला में धन और हरी घास का दान करें। शिव मंदिर में शिवलिंग के पास दीपक जलाएं और ऊँ नम: शिवाय नम: मंत्र का जाप करें।
करवा चौथ पर चौथ माता की पूजा के साथ ही देवी पार्वती और शिव जी की भी पूजा जरूर करनी चाहिए। शिव-पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।