किस्सा कुर्सी का :टिकट बंटवारे से पहले भाजपा में नरेंद्रनगर सीट पर दावेदारी का संघर्ष, क्या टिकट के दावेदारों को साध पाएगी पार्टी?

नई टिहरी

उत्तराखंड भाजपा में विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे से पहले नरेंद्रनगर विधानसभा सीट पर घमासान बढ़ गया है। नरेंद्रनगर विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक ओमगोपाल रावत की सक्रियता से कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल की टेंशन बढ़ गई है। दरअसल, ओमगोपाल रावत ने पार्टी का टिकट न मिलने पर भी चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान कर दिया है।

नरेंद्र नगर विधानसभा सीट का राजनीति और ऐतिहासिक महत्व है। नरेंद्र नगर की स्थापना टिहरी रियासत के महाराजा नरेंद्र शाह ने की थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार सुबोध उनियाल विधायक चुने गए थे।

इस सीट पर हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम

उत्तराखंड के गठन के बाद साल 2002 में इस सीट पर विधानसभा का चुनाव कराया गया था, जिसमें कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुबोध उनियाल विधायक चुने गए थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी लाखीराम जोशी को हराया था। 2007 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड क्रांति दल के उम्मीदवार ओम गोपाल विधायक चुने गए थेे। उन्होंने कांग्रेस के सुबोध उनियाल को हराया था.

2012 विधानसभा चुनाव के आंकड़े

2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुबोध उनियाल दूसरी बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार ओम गोपाल रावत को हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस के सुबोध उनियाल को 21,220 वोट मिला था, जबकि भाजपा के गोपाल रावत को 20,819 वोट मिला था।

कुल मिलाकर देखें तो नरेंद्रनगर विधानसभा सीट पर भाजपा जमकर घमासान देखने को मिल रहा है। ऐसे में देखना होगा कि आखिर पार्टी हाईकमान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल पर ही इस सीट से दांव खेलती है या फिर ओमगोपाल रावत को ही टिकट देती है। लेकिन इतना साफ है कि अगर सुबोध उनियाल बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर सामने आते हैं, तो ओम गोपाल रावत बगावत कर सकते हैं।