चम्बा : धनोल्टी में गो सम्मान आहवान अभियान के तहत संत समाज, गो भक्तों ने तहसील में ज्ञापन सौंपा. इस दौरान गौमाता को “राष्ट्रमाता” का संवैधानिक दर्जा प्रदान किए जाने की मांग की गई।

धनोल्टी में विभिन्न क्षेत्रों से आए गौभक्तों का एक प्रतिनिधिमंडल एकत्रित हुआ। शिष्टमंडल ने तहसील के माध्यम से प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सूबे के मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल को गौ सम्मान के संबंध में एक ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन के माध्यम से यह निवेदन किया गया कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा हमारे वेद, शास्त्र, पुराण एवं उपनिषदों में गौमाता को सदैव “माता” के रूप में ही वर्णित किया गया है। अतः उसी भावना का सम्मान करते हुए भारत के संविधान में भी गौमाता को “राष्ट्रमाता” का संवैधानिक दर्जा प्रदान किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने निवेदन में यह भी स्पष्ट किया कि यदि गौमाता को संवैधानिक रूप से माता का दर्जा प्राप्त हो जाता है, तो समाज में स्वतः ही उनके प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना सुदृढ़ होगी। इससे गौवंश को सड़कों पर भटकने, कूड़ा-करकट खाने जैसी पीड़ादायक स्थितियों से मुक्ति मिलेगी तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
साथ ही यह भी मांग की गई कि गौमाता को उचित सम्मान मिलने से देशभर में गोहत्या पर पूर्णतः रोक लगेगी और भारतवर्ष से इस कलंक का अंत होगा, जिससे राष्ट्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ होगी।
इस मौके पर बाबा दामोदरदास, अनुसूया प्रसाद उनियाल, देवेंद्र चमोली, प्रवीण सकलानी, विवेक सकलानी, जिला पंचायत सदस्य भुत्सी सीता, विनीता उनियाल ग्राम प्रधान उनियाल गांव, शिवराज उनियाल, सोबन सिहं, सरोप सिंह ग्राम प्रधान मरोड़ा, रश्मि सकलानी ग्राम प्रधान हवेली, सोमवती सकलानी क्षेत्र पंचायत सदस्य उनियाल गांव राकेश उनियाल आदि मौजूद रहे