आज का पंचांग : क्रोधाग्नि से बचें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़. आज है कर्क संक्रांति.

आज द्वितीया तिथि 08:53 AM तक उपरांत तृतीया. नक्षत्र आश्लेषा 07:52 PM तक उपरांत मघा. सिद्धि योग 01:21 AM तक, उसके बाद व्यातीपात योग. करण कौलव 08:53 AM तक, बाद तैतिल 07:36 PM तक, बाद गर.  आज राहु काल का समय 02:12 PM – 03:52 PM है. आज 07:52 PM तक चन्द्रमा कर्क उपरांत सिंह राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिन्तन
क्रोधाग्नि से बचें

क्रोधी पर क्रोध करने की अपेक्षा उसको क्षमा करने वाला मनुष्य अपनी व क्रोध करने वाले की एक महासंकट से रक्षा कर लेता है। महापुरुष कहते हैं, कि क्रोध के क्षणों में भी क्षमा का कवच धारण करने वाला मनुष्य दोनों के क्रोध रूपी महारोग को दूर करने वाला चिकित्सक ही है। क्रोध वो अग्नि है, जिसकी चिंगारी किसी एक के पास उठती है, लेकिन देखते ही देखते अनेक लोगों को आक्रोशित एवं उत्तेजित कर डालती है।

क्रोध की ज्वाला धधकती है तो अपने साथ-साथ अनेक लोगों को उसमें जला डालती है। विवेक के शीतल जल से ही क्रोध की अग्नि को शांत किया जा सकता है। क्रोध के क्षणों में विवेक के जल से स्वयं को शांत रखने वाला मनुष्य स्वयं तो क्रोध रुपी महारोग से बच ही जाता है साथ ही क्रोध करने वाले को भी इस महाशत्रु से बचा लेता है। क्रोध एक ऐसा रोग है, जिसके चिकित्सक आप स्वयं हैं।

आज का विचार

व्यक्ति के व्यक्तित्व को दो शब्द परिभाषित करते है, पहला धैर्य और दूसरा व्यवहार। जिसकी प्रेरणा से आपका चरित्र बदल जाय, वही आपका श्रेष्ठ गुरु है.!