चम्बा। हडम स्थित बागेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित महाशिव पुराण कथा में प्रतिदिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
महाशिव पुराण कथा के कथावाचक आचार्य कृष्णानंद उनियाल जी ने शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिव में लीन हो जाना ही सच्ची भक्ति है। भगवान शिव वैराग्य के देवता माने जाते हैं, लेकिन उन्होंने विवाह कर गृहस्थ आश्रम में रहते हुए भी वैराग्य धर्म का पालन करने का आदर्श प्रस्तुत किया।
कथावाचक ने बताया कि भगवान शिव के परिवार में नंदी, माता पार्वती का सिंह, भगवान गणेश का मूषक तथा भगवान कार्तिकेय का वाहन मोर है। ये सभी अलग-अलग स्वभाव और विचारधाराओं के प्रतीक हैं, फिर भी शिव परिवार में सभी के बीच अद्भुत सामंजस्य है। यही संदेश शिव पुराण समाज को आपसी प्रेम, सद्भाव और सहअस्तित्व का देता है।
उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का वर्णन करते हुए बताया कि मैना देवी एवं हिमालय राज की पुत्री के रूप में माता पार्वती ने जन्म लेकर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की, जिसके बाद शिव-पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ।
कथा के दौरान भजन-कीर्तन और शिव महिमा से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से कथा श्रवण करते हुए भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।